नयी दिल्ली, 30 जनवरी (वार्ता) गणतंत्र दिवस परेड 2026 में संस्कृति मंत्रालय की “वंदे मातरम – 150 वर्षों का सफर” शीर्षक वाली झांकी को केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों के बीच सर्वश्रेष्ठ झांकी की श्रेणी में प्रथम पुरस्कार से सम्मानित किया गया जबकि उसकी सांस्कृतिक प्रस्तुति “वंदे मातरम: भारत की शाश्वत गूंज” को असाधारण कलात्मक और विषयगत उत्कृष्टता के लिए विशेष पुरस्कार से नवाजा गया। संस्कृति मंत्रालय ने शुक्रवार को बताया कि पुरस्कार विजेता झांकी ने वंदे मातरम के 150 वर्षों के सफर को सशक्त रूप से दर्शाया जिसमें राष्ट्रीय जागरण के गीत के रूप में इसके उद्भव और भारत के स्वतंत्रता संग्राम, एकता और सभ्यतागत चेतना को आकार देने में इसकी स्थायी भूमिका को दिखाया गया है।
झांकी ने देश की सामूहिक राष्ट्रीय पहचान में राष्ट्रगान की शाश्वत प्रासंगिकता को उजागर किया।
विशेष पुरस्कार विजेता सांस्कृतिक नृत्य प्रस्तुति में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 2500 कलाकारों ने भाग लिया और शास्त्रीय, लोक और आदिवासी कला रूपों के माध्यम से भारत की विशाल सांस्कृतिक विविधता को प्रदर्शित किया। नृत्य प्रस्तुति ने देश की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक जड़ों से लेकर स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदानों और सशस्त्र बलों के शौर्य और समर्पण तक की शाश्वत यात्रा को जीवंत कर दिया।

