जबलपुर: ग्रीष्मकालीन फसल मूंग और उड़द का एमएसपी दर पर उपार्जन होने के बावजूद पांच माह बीत जाने के बाद भी किसानों को भुगतान नहीं मिला है। यह उपार्जन सेवा सहकारी समिति बसेड़ी के माध्यम से एमएलटी वेयरहाउस मजीठा में किया गया था, लेकिन करोड़ों रुपये का भुगतान अब तक अटका हुआ है। भुगतान न होने से परेशान किसानों ने एसडीएम शहपुरा को ज्ञापन सौंपकर अपनी पीड़ा जाहिर की। किसानों का कहना है कि लगातार दफ्तरों के चक्कर लगाने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति दिन-ब-दिन बदतर होती जा रही है। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन भुगतान करने में असमर्थ है, तो उनकी उपज उन्हें वापस की जाए। ज्ञापन के साथ किसानों ने खून से लिखा पत्र भी सौंपा, जो उनकी गंभीर पीड़ा को दर्शाता है।
28 जनवरी को वेयरहाउस पहुंचेंगे किसान
पीड़ित किसानों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया है कि वे 28 जनवरी को मजीठा स्थित वेयरहाउस पहुंचकर उपार्जन और भुगतान को लेकर प्रशासन से जवाब मांगेंगे। इस मौके पर अभय प्रताप सिंह, चन्दन पटैल, मोनू सिंह, देवेंद्र ठाकुर,राम सिंह, बबलू ठाकुर, भगवान सिंह,जाहिरी पटैल, वीरेंद्र साहू, दुर्जन पटैल, दौलत सिलाबट, हरेंद्र सिंह, विनोद नायक इमरत पटैल, सूरज सिंह, भोला नवेरिया सतीश विल्थरे, यशवंत सिंह आदि उपस्थित रहे।
जांच में घोटाले की पुष्टि, फिर भी किसान भुगत रहे सजा
मामले में वेयरहाउस जांच के दौरान अनियमितता और माल की कमी सामने आई थी। इसके बाद समिति प्रभारी, वेयरहाउस संचालक और अन्य कर्मचारियों पर धोखाधड़ी और खरीदी घोटाले को लेकर एफआईआर भी दर्ज की गई। बावजूद इसके किसानों का आरोप है कि जांच अधिकारियों ने आरोपियों से मिलीभगत कर उन्हें ही फर्जी बताने का षड्यंत्र रचा, जिसका खामियाजा अब निर्दोष किसानों को भुगतना पड़ रहा है
