नयी दिल्ली, 21 जनवरी (वार्ता) प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के कोच्चि क्षेत्रीय कार्यालय ने बुधवार को बताया कि उसने सबरीमाला मंदिर के सोने और अन्य संपत्तियों के गबन के मामले में केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक में 21 परिसरों पर तलाशी अभियान चलाया।
ईडी ने केरल पुलिस की अपराध शाखा द्वारा दर्ज दो प्राथमिकियों के आधार पर अपनी जांच शुरू की है। इस मामले में त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड (टीडीबी) के वरिष्ठ अधिकारियों, पूर्व मंदिर प्रशासकों, निजी प्रायोजकों और जौहरियों से जुड़ी एक सुनियोजित आपराधिक साजिश का खुलासा हुआ है।
प्रारंभिक जांच से संकेत मिलता है कि मंदिर की पवित्र स्वर्ण-लेपित कलाकृतियों को आधिकारिक रिकॉर्ड में जानबूझकर गलत तरीके से केवल ‘तांबे की प्लेट’ के रूप में दिखाया गया और 2019 से 2025 के बीच मंदिर परिसर से अनधिकृत रूप से हटा दिया गया। इन स्वर्ण-लेपित कलाकृतियों में द्वारपाल की मूर्ति के हिस्से, पीडम (स्तंभ) और गर्भगृह के दरवाजे के फ्रेम के पैनल शामिल थे।
निदेशालय के अनुसार इन कलाकृतियों को बाद में चेन्नई और कर्नाटक में ‘स्मार्ट क्रिएशन्स’ और ‘रोद्दम ज्वेलर्स’ सहित निजी केंद्रों पर ले जाया गया। वहां मरम्मत और दोबारा स्वर्ण-लेपन कार्य के बहाने रासायनिक प्रक्रियाओं के माध्यम से सोना निकाला गया। निकाले गए इस सोने से अपराध की कमाई की गयी और इसे आरोपियों द्वारा अपने पास रख लिया गया
जांच में सबरीमाला मंदिर में अन्य वित्तीय अनियमितताओं और घोटालों के संकेत भी मिले हैं, जिसमें मंदिर के चढ़ावे और अनुष्ठानों से संबंधित गबन शामिल है। धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत इनकी भी जांच की जा रही है।
तलाशी अभियान अपराध की कमाई का पता लगाने, लाभार्थियों की पहचान करने, आपत्तिजनक रिकॉर्ड और डिजिटल साक्ष्य बरामद करने तथा धन शोधन के पूर्ण विस्तार का पता लगाने के लिए चलाया गया था। अभियान के दौरान विभिन्न स्थानों से बड़ी मात्रा में आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य बरामद किए गए।
इन साक्ष्यों में टीडीबी अधिकारियों द्वारा तैयार किए गए महजर (निरीक्षण रिपोर्ट) और आधिकारिक रिकॉर्ड शामिल हैं, इनमें 2019 और 2024 के बीच जारी आधिकारिक सिफारिशें, आदेश और पत्राचार, निजी जौहरियों के चालान और भुगतान दस्तावेज तथा रासायनिक निष्कर्षण और रीप्लेटिंग से संबंधित वारंटी प्रमाणपत्र भी शामिल हैं।
दस्तावेजों से मंदिर के चढ़ावे और अनुष्ठानों में अनियमितताओं का पता चला है, जिसमें आय का गलत स्थानांतरण, गुणवत्ता से संबंधित नुकसान, संपत्तियों का बिना स्पष्टीकरण के संचय और कुछ अधिकारियों द्वारा संदिग्ध वित्तीय लेनदेन शामिल हैं। इसके अतिरिक्त मुख्य आरोपी की लगभग 1.3 करोड़ रुपये मूल्य की आठ अचल संपत्तियों को पीएमएलए 2002 की विभिन्न धाराओं के तहत ‘फ्रीज’ कर दिया गया है।
चेन्नई में ‘स्मार्ट क्रिएशन्स’ के परिसर से 100 ग्राम सोने की ईंट भी जब्त की गई है। जब्त की गई सभी सामग्रियों और सबूतों की जांच की जा रही है ताकि अपराध में कितने की हेर-फेर हुई इसका सही आकलन किया जा सके। साथ ही, धन शोधन की कड़ियों को स्थापित किया जा सके और अन्य लाभार्थियों की पहचान की जा सके।
