जबलपुर: संस्कारधानी को भिक्षु मुक्त शहर बनाने तथा निराश्रित व अक्षम लोगों के पुनर्वास के उद्देश्य से विजन जबलपुर द्वारा संचालित एक वर्षीय दीनबंधु अभियान का शुभारंभ शनिवार को कलावीथिका हाल, रानी दुर्गावती संग्रहालय में किया गया। कार्यक्रम में महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू, नगर निगम अध्यक्ष रिंकुज विज, कलेक्टर राघवेंद्र सिंह, नगर निगम आयुक्त राम प्रकाश अहिरवार, संयुक्त संचालक सामाजिक न्याय आशीष दीक्षित, विजन जबलपुर संरक्षक सुनील कुमार चौरसिया एवं अध्यक्ष राजेंद्र सिंह की विशेष उपस्थिति रही।
महापौर ने वर्ष 2026 के अंत तक जबलपुर को भिक्षु मुक्त बनाने के संकल्प को दोहराते हुए अभियान को पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। नगर निगम अध्यक्ष रिंकुज विज ने इसे वरिष्ठ नागरिकों द्वारा किया जा रहा पवित्र व सराहनीय प्रयास बताया। कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से हर व्यक्ति सम्मानजनक जीवन जी सकता है और प्रशासन इस अभियान में पूरी तरह सहभागी रहेगा।
नगर निगम आयुक्त राम प्रकाश अहिरवार ने बताया कि नर्मदा तटों व धार्मिक स्थलों पर भीख मांगने वालों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ना अभियान का प्रमुख उद्देश्य है। विजन जबलपुर अध्यक्ष राजेंद्र सिंह ने अभियान की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि जागरूकता, भिक्षा निषेध, पहचान, पुनर्वास, शिक्षा एवं कौशल विकास के माध्यम से दिसंबर 2026 तक लक्ष्य पूर्ण किया जाएगा। इस अवसर पर विजन जबलपुर के 101 सदस्यों ने नगर सेवक बनने का संकल्प लिया।
ये रहे उपस्थित
कार्यक्रम में स्वागत सी.एस. राजपूत, एस.के. बनर्जी, प्रदीप श्रीवास्तव, अरुण दुबे, अनूप मजूमदार एवं टेकचंद अधिकारी द्वारा किया गया। संचालन अनूप मजूमदार तथा आभार प्रदर्शन प्रदीप श्रीवास्तव ने किया। बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक, युवा एवं संस्था सदस्य उपस्थित थे।
