इंदौर: नशे के खिलाफ चल रही मुहिम में कनाड़िया पुलिस ने बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए एमडी ड्रग्स की अंतरराज्यीय तस्करी करने वाले गिरोह का खुलासा किया है. लग्जरी गाड़ियों, क्लब पार्टियों और इवेंट्स के नाम पर ड्रग्स सप्लाई करने वाले इस गिरोह का नेटवर्क भोपाल-इंदौर से लेकर गोवा सहित अन्य राज्यों तक फैला हुआ है. पुलिस ने गिरोह के चार आरोपियों को गिरफ्तार कर करीब 16 ग्राम एमडी ड्रग्स, दो लग्जरी वाहन और लाखों का मशरूका जब्त किया है.
अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त जोन 2 अमरेन्द्र सिंह ने बताया कि भोपाल में रहने वाला अबान शकील, जो एक स्कूल में प्रिंसिपल रह चुका है, थार कार के जरिए एमडी ड्रग्स की तस्करी कर रहा था. 12 जनवरी 2026 को कनाड़िया पुलिस ने उसे एमडी ड्रग्स के साथ पकड़ा था. पूछताछ में उसने इंदौर के तस्कर वैभव उर्फ अरुण उर्फ बाबा शर्मा के बारे में अहम जानकारी दी. इसके बाद कनाड़िया पुलिस ने डीपीएस स्कूल बायपास के पास संदिग्ध बिना नंबर की ईको स्पोर्ट कार को घेराबंदी कर वैभव उर्फ बाबा को पकड़ा. उसके पास से एमडी ड्रग्स मिली, वहीं, कार में बैठी दो युवतियों की तलाशी लेने पर उनके कपड़ों से भी ड्रग्स बरामद हुई. गिरफ्तार युवतियों ने पूछताछ में कबूल किया कि वे क्लब, बार और हाई-प्रोफाइल पार्टियों में युवाओं को महंगे दामों पर एमडी ड्रग्स सप्लाई करती थीं.
रईसजादों तक पहुंच बनाने युवतियों का इस्तेमाल करता था गिरोह
प्रारंभिक जांच में गिरोह के तार गोवा सहित अन्य राज्यों के पब, बार और क्लबों से जुड़े पाए गए हैं. पुलिस का मानना है कि चेकिंग से बचने और रईसजादों तक आसानी से पहुंच बनाने के लिए गिरोह युवतियों का इस्तेमाल करता था. आरोपियों से ड्रग्स के सोर्स और शहर के बार क्लब संचालकों की भूमिका को लेकर गहन पूछताछ जारी है. इस कार्रवाई में 15.95 ग्राम एमडी ड्रग्स, महेंदा्र थार और फोर्ड ईको स्पोर्ट कार जब्त की गई है. जब्त सामग्री की कीमत करीब 32 लाख रुपये बताई जा रही है. सभी आरोपियों के खिलाफ थाना कनाड़िया में एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर पुलिस रिमांड लिया जा रहा है.
महंगी गाड़ियां, ब्रांडेड कपड़े और हाईफाई लाइफ स्टाइल…
सफेद शर्ट, टाई, अनुशासन की बातें और बच्चों को उज्ज्वल भविष्य के सपने दिखाने वाला शख्स बाहर से एक जिम्मेदार स्कूल प्रिंसिपल, लेकिन अंदर ही अंदर नशे की दुनिया का बड़ा खिलाड़ी. अबान शकील की कहानी कुछ ऐसी ही है, जिसने शिक्षा के पेशे की आड़ में एमडी ड्रग्स की तस्करी का रास्ता चुन लिया. अबान शकील शहर के एक निजी स्कूल में प्रिंसिपल रह चुका है. स्कूल में उसकी पहचान पढ़े-लिखे, सलीकेदार और हाई-प्रोफाइल लाइफ स्टाइल पसंद करने वाले व्यक्ति की थी. महंगी गाड़ियां, ब्रांडेड कपड़े और आलीशान रहन-सहन उसकी पहचान बन चुके थे. लोग यह सब उसकी सैलरी और अन्य वैध आय से जुड़ा मानते थे, लेकिन हकीकत कुछ और ही निकली. वह धीरे-धीरे नशे के कारोबार में उतर गया. पहले संपर्क बने, फिर छोटी मात्रा में एमडी ड्रग्स की सप्लाई शुरू हुई और बाद में यह काम बड़े स्तर पर तस्करी तक पहुंच गया. वह महेंद्र थार जैसी लग्जरी गाड़ी से ड्रग्स की ढुलाई करता था, ताकि किसी को शक न हो.
स्कूल और समाज में साफ-सुथरी छवि की आड़ में झोंक रहा था धूल
स्कूल और समाज में उसकी साफ-सुथरी छवि पुलिस की नजरों से बचने का सबसे बड़ा हथियार बनी रही. 12 जनवरी 2026 को जब कनाड़िया पुलिस ने उसे एमडी ड्रग्स के साथ पकड़ा, तब यह परत दर परत खुलासा हुआ कि एक शिक्षक कैसे अपराध की दुनिया में फिसल गया. पूछताछ में अबान ने माना कि पैसों की चाह और लग्जरी लाइफस्टाइल बनाए रखने की लालसा ने उसे इस रास्ते पर धकेला. यहीं से इंदौर के वैभव उर्फ बाबा शर्मा और उसके गिरोह का नाम भी सामने आया
