चुनौतियों के बीच कपड़ा, परिधान निर्यात में बनी हुई है वृद्धि

नयी दिल्ली, 16 जनवरी (वार्ता) अमेरिका में ऊंचे शुल्क और अन्य भू-राजनैतिक चुनौतियों के बावजूद देश के कपड़ा और परिधान क्षेत्र के निर्यात की वृद्धि बनी हुई है और इस क्षेत्र के बाजार विविधीकरण के प्रसास से कई बाजारों में निर्यात में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गयी है।

कपड़ा मंत्रालय की शुक्रवार को जारी एक रिपोर्ट के अनुसार इस क्षेत्र का निर्यात में दिसंबर,2025 में सालाना आधार पर 0.40 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 3.27 अरब डालर रहा। मंत्रालय का कहना है कि ताजा आंकड़े इस क्षेत्र की अनुकूलन क्षमता, विविध बाजार उपस्थिति और मूल्य-वर्धित और श्रम-गहन सेगमेंट में ताकत को दर्शाते हैं। नवंबर में भी इस क्षेत्र ने सालाना आधार पर बेहतर निर्यात प्रदर्शन किया था।

विज्ञप्ति के अनुसार वैश्विक चुनौतियों के बीच बीते दिसंबर माह में हस्तशिल्प (7.2 प्रतिशत), रेडीमेड गारमेंट्स (2.89 प्रतिशत), और कृत्रिम रेशा, कपड़े और मेड-अप्स (3.99 प्रतिशत) का प्रदर्शन मजबूत रहा। ये रुझान अस्थिर वैश्विक मांग की स्थितियों के बीच भी मूल्य-वर्धित विनिर्माण, पारंपरिक शिल्प और रोजगार-गहन उत्पादन में भारत के प्रतिस्पर्धी लाभ को रेखांकित करते हैं।

जनवरी-दिसंबर 2025 में कपड़ा और परिधान क्षेत्र का निर्यात 37.54 अरब पर इससे पिछले वर्ष के स्तर पर स्थिर रहा। वर्ष के दौरान हस्तशिल्प (17.5 प्रतिशत), रेडीमेड गारमेंट्स (3.5 प्रतिशत), और जूट उत्पादों (3.5 प्रतिशत) के निर्यात में कुल मिला कर अच्छी वृद्धि हुई।

मंत्रालय का कहना है कि प्रमुख बाजारों में भू-राजनीतिक तनाव तथा महंगाई के दबाव के बावजूद इस तरह का प्रदर्शन इस क्षेत्र की संरचनात्मक ताकत और आकार्षक निर्यात उत्पादों की विविधता को दर्शाता है।

वर्ष 2025 में जनवरी-नवंबर के दौरान देश के कपड़ा क्षेत्र ने 118 देशों और बाजारों में निर्यात में वृद्धि दर्ज की। एक साल पहले की इसी अवधि की तुलना में संयुक्त अरब अमीरात (9.5 में प्रतिशत), मिस्र (29.1), पोलैंड (19.3 प्रतिशत), सूडान (182.9 प्रतिशत), जापान (14.6 प्रतिशत), नाइजीरिया (20.5 प्रतिशत), अर्जेंटीना (77.8 प्रतिशत), कैमरून (152.9 प्रतिशत), और युगांडा (75.7 प्रतिशत) में निर्यात में उल्लेखनीय वृद्धि दिखी। इसके साथ ही स्पेन (7.9 प्रतिशत), फ्रांस, इटली, नीदरलैंड, जर्मनी और ब्रिटेन जैसे प्रमुख यूरोपीय बाजारों में भी भारत के निर्यात कारोबार में लगातार वृद्धि बनी हुई है।

उल्लेखनीय है कि यूक्रेन-रुस युद्धि, पश्चिम एशिया में तनाव के बीच भारत के प्रमुख व्यापारिक भागीदार अमेरिका ने गत सितंबर में भारतीय वस्तुओं पर 50 प्रतिशत की दर से ऊंचा शुल्क लगा दिया है। इससे चमड़ और कपड़ा क्षेत्र के सामने चुनौती बढ़ गयी है।

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय द्वारा कल जारी दिसंबर, 2025 के निर्यात आयात के आंकड़ों के अनुसार अमेरिकी बाजार में कुल मिला कर भारतीय माल के निर्यात में वृद्धि बनी हुई है।

सरकार ने वैश्विक चुनौतियों के बीच निर्यात कारोबार, खास कर घरेलू सूक्षम, लघु और मझौले निर्यातकों के प्रोत्साहन के लिए हाल में 25060 करोड़ रुपये का निर्यात प्रोत्साहन मिशन शुरू किया है जिसमें निर्यात प्रोत्साहन और निर्यात दिशा शीर्षक से दो प्रमुख घटक है। निर्यात प्रोत्साहन के तहत सरकार ब्याज सहायता तथा विदेशों में ब्रांड प्रोत्साहन तथा प्रदर्शनियों में भाग लेने के लिए वित्तीय सहायता जैसे कार्यक्रम शामिल किये हैं।

 

 

Next Post

रुपये में 45 पैसे की बड़ी गिरावट, फिर 91 प्रति डॉलर की ओर

Fri Jan 16 , 2026
मुंबई, 16 जनवरी (वार्ता) अंतरबैंकिंग मुद्रा बाजार में रुपया शुक्रवार को 44.75 पैसे टूट गया और कारोबार की समाप्ति पर एक डॉलर 90.7875 रुपये का बोला गया। भारतीय मुद्रा में यह लगातार तीसरी गिरावट है। पिछले कारोबारी दिवस पर 14 जनवरी को यह 11 पैसे की गिरावट के साथ 90.34 […]

You May Like