
खरगोन। बकरी चराने गई नाबालिग बालिका के साथ दुष्कर्म के आरोपी को न्यायालय ने दोष सिद्ध होने पर 20 वर्ष के सश्रम कारावास से दंडित साल किया है। मामला 2 साल पहले गोगावां थानाक्षेत्र में घटित हुआ था।
मामले की पैरवीकर्ता विशेष लोक अभियोजक गहेन्द्र भानुप्रिय ने बताया 02 अपै्रल 2022 को शाम करीब 4 बजे पीडि़त मवेशी चराने के लिए गयी थी। इसी दौरान गणेश भी मवेशी चराने आता रहता था, गणेश ने पीडि़त को अकेला पाकर उसे प्यार करने का झांसा देकर बुरी नियत से छूने लगा। पीडि़त के विरोध करने पर गणेश ने उससे जबरजस्ती करते हुए गलत काम किया और उसे धमकी दी कि किसी को बताया तो वह उसे और उसके परिवारवालों को जान से मार देगा। डर के कारण पीडि़त ने उक्त घटना किसी को नहीं बतायी। इसके बाद 8 अपै्रल 22 को पीडि़त ने हिम्मत जुटाकर अपनी मां को आपबीती सुनाई, जिसके बाद परिजनों के हिम्मत देने पर पिता एवं काका के साथ गोगावां थाने पर जाकर घटना की सूचना दर्ज कराई। पुलिस ने पीडि़त केे बयान के आधार पर अभियुक्त गणेश के विरूद्ध अपराध दर्ज कर अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया, जहां विचारण उपरांत प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश जीसी मिश्रा ने आरोपी गणेश पटेल को दोषी पाते हुए अन्य धाराओं के साथ ही पॉक्सो एक्ट में 20 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 4 हजार रुपए अर्थदंड से दंडित किया है। न्यायालय ने अपने आदेश में यह अभिमत दिया कि कथित घटना में पीडि़त के साथ जिस तरह का आपराधिक कृत्य हुआ है। ऐसे अपराध से न केवल पीडि़त बल्कि उसके परिजन को भी गंभीर पीड़ा का सामना करना पड़ा है। ऐसे अपराध से पीडि़त का सर्वांगीण विकास भी प्रभावित हो जाता है।
