सिर्फ 36 जवानों के भरोसे रीवा का ट्रैफिक: स्वीकृत 92 पदों में से 56 खाली, कैसे थमेगा जाम?

रीवा:शहर की यातायात व्यवस्था पूरी तरह पटरी से उतर चुकी है आम राहगीर जहा लग रहे जाम से परेशान है वही प्रशासन के लिये भी चुनौती बन चुका है. शहर का ऐसा कोई चौराहा और सडक़ नही जहा जाम न लगता हो. यातायात थाने को स्वीकृत बाल का आधा भी नही दिया गया है. जिसकी वजह से यातायात व्यवस्था बनाने में परेशानी होती है.शहर की बेलगाम हो चुकी यातायात व्यवस्था से हर कोई परेशान है. कई बार अधिकारी भी जाम में फंसते है.

इस समय शादी का सीजन चल रहा है ऐसे में शहर में लोगो की भीड़ ज्यादा है. तेजी से वाहनो की संख्या बढ़ी है लेकिन आज भी यातायात थाने के पास पुराना बल है. शहर के विस्तार के साथ चौराहे भी बढ़े लेकिन जो स्वीकृत बल है उतना भी उपलब्ध नही कराया गया. किसी तरह से यातायात व्यवस्था चल रही है. ऐसे कई व्यस्त चौराहे है जहा सबसे ज्यादा भीड़ लगती है और जाम की स्थित बनती है. सुभाष चौक, इंटौरा बाईपास, नया बस स्टैण्ड, रतहरा बाईपास, पुलिस लाइन चौराहा, गुढ़ चौराहा, खन्ना चौराहा, व्यंकट तिराहा, अस्पताल चौराहा, पीटीएस चौक, मृगनयनी चौक सहित अमहिया रोड़, व्यंकट रोड़, बिछिया अस्पताल के पास सुबह से लेकर रात तक भारी भीड़ के चलते जाम और अफरा तफरी की स्थित बनी रहती है.
केवल तीन चौराहो पर लगा है सिग्नल
यातायात व्यवस्था बेहतर बनाने के लिये शहर के केवल तीन चौराहो पर ही ट्राफिक सिग्नल संचालित है. कालेज चौक, मार्तण्ड तिराहा एवं ढ़ेकहा तिराहे में सिग्नल लगाय गया है. जबकि आवश्यकता कई चौराहो में है जहा पर यातायात का दबाव ज्यादा है. इतना बड़े शहर में केवल तीन जगह सिग्नल है, जबकि आवश्यकता कई चौराहो में है जहा सिग्नल लगने चाहिए. चोरहटा-रतहरा मार्ग में जो कट खुले हुए थे उनमें से अधिकांश को बंद कराया गया है ताकि सडक़ दुर्घटना कम हो.
यातायात थाने में स्वीकृत बल
यातायात थाने में जितना बल स्वीकृत है उसका आधा भी नही है. सूत्रो की माने तो शहर की यातायात व्यवस्था के लिये 92 का बल स्वीकृत है जबकि यातायात प्रभारी सहित केवल 36 जवान ही पदस्थ है. उप निरीक्षक के 9 पद स्वीकृत है और एक भी पदस्थ नही है. वही सूबेदार के तीन पद स्वीकृत है जिसमें सिर्फ दो ही भरे है. प्रधान आरक्षक के 11 पद है और 7 पदस्थ है. आरक्षक के 61 पद स्वीकृत है जिसमें केवल 19 तैनात है. बल की भारी कमी के चलते यातायात व्यवस्था पटरी पर नही आ पा रही है. कई वर्षो से स्वीकृत बल प्रदान किये जाने के लिये पत्राचार होता रहा पर बल नही दिया गया. जब तक पर्याप्त बल नही होगा तब तक यातायात व्यवस्था बेहतर नही हो पाएगी.

Next Post

​सिंगरौली में खौफनाक वारदात: अंधविश्वास में युवक ने दो ग्रामीणों का सिर धड़ से अलग किया, दो घायल

Thu Feb 12 , 2026
सिंगरौली: जिले के जियावान थाना क्षेत्र अंतर्गत अतरवा ग्राम पंचायत के लोहरा गांव में गुरुवार सुबह एक दिल दहला देने वाली वारदात ने पूरे इलाके को सन्न कर दिया। यहां 21 वर्षीय युवक ने अंधविश्वास और जादू-टोना के शक में दो लोगों की धारदार हथियार से बेरहमी से हत्या कर […]

You May Like