इंदौर:आईडीए ने छह माह पहले वृद्धों के लिए बनाई सीनियर सिटीजन बिल्डिंग का टेंडर निरस्त कर दिया है. इसका कारण यह बताया जा रहा है कि लीज पर लेने वाली कंपनी ने सेक्युरिटी डिपाजिट की राशि जमा नहीं कराई है. टेंडर के दौरान जमा राशि आईडीए ने जब्त कर ली है. खास बात यह है कि उक्त छह मंजिला भवन का नाम स्नेह धाम रखा गया था और मुख्यमंत्री ने उक्त भवन का लोकार्पण किया था.
आईडीए ने योजना 134 में 26 करोड़ की लागत से सीनियर सिटीजन बिल्डिंग बनाई थी. उक्त बिल्डिंग का नाम बना स्नेह धाम रखा था. 32 फ्लैट वाली छह मंजिला भवन में वृद्धजनों को सभी सुविधाएं उपलब्ध कराने और संधारण का ठेका रतलाम की बालाजी होटल प्रा. लिमिटेड ने लिया था. मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने 25 जून को स्नेह धाम भवन का लोकार्पण किया था. स्नेह धाम को 10 साल की लीज पर दिया गया था. शर्त के मुताबिक बालाजी होटल प्रा लि को हर माह आईडीए 3.51 लाख और 2 करोड़ रुपए सिक्योरिटी डिपाजिट जमा करना था. ऐसा बताया जा रहा है कि आईडीए ने कंपनी को भवन का कब्जा भी सौंप दिया था, लेकिन टेंडर में भाग लेने के लिए डाली गई राशि के अलावा कंपनी ने भुगतान नहीं किया.
बिना डिपाजिट सौंप दिया भवन
सोचने वाली बात यह है कि बिना डिपाजिट के भवन कंपनी को सौंप दिया. आईडीए अपनी राशि जमा कराना भूल गया. जब कंपनी को राशि जमा करने का नोटिस दिया गया तो भी राशि जमा नहीं करवाई गई. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इसके बाद आईडीए ने योजना 134 में छह मंजिला स्नेह धाम भवन का ठेका निरस्त कर दिया है.
