
जबलपुर। म.प्र. उच्च न्यायालय अधिवक्ता संघ ने सीनियर अधिवक्ता एवं राजसभा सदस्य विवेक कृष्ण तन्खा द्वारा वकीलों को संबोधित करते हुये मार्गदर्शन किया और कहा ये बार मेरा परिवार है। संघ के पदाधिकारियों द्वारा उनका औपचारिक सम्मान किया गया अचानक किसी मामले में पैरवी करने आने पर पता चलने पर म.प्र. उच्च न्यायालय अधिवक्ता संघ द्वारा सम्मान देने वास्ते आमंत्रित किया गया। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि बार मेरे परिवार की तरह है और वकील का जीवन बहुत संघर्षमय होता है उसके पास किसी भी तरह की शासकीय पेंशन अथवा कोई सहारा नहीं होता है और जब तक वह कार्य करता है अपने परिवार का भरण पोषण करता है। उन्होंने खुले दिल से व्यक्त करते हुये कहा कि मैं इसी बार से उत्पन्न हुआ हूँ मेरे पिता भी इस बार में सदस्य और अध्यक्ष रहे है मैं अपनी आमदनी में से वकीलों के लिये चिकित्सा अथवा आर्थिक मदद देने में अपनी नैतिक जिम्मेदारी समझता हूँ और अपनी सक्षमता के हिसाब से सहायता करने में हमेशा तत्पर् हूँ। उन्होंने कहा कि मैं गुप्तदान में विश्वास करता हूँ और मैं नहीं चाहता कि जिन अधिवक्ताओं की में आर्थिक मदद करता हूँ उनका नाम सामने आये। उनके द्वारा बार में लायब्रेरी के आधुनीकरण और ई-लायब्रेरी को बनाये जाने पर बार के अध्यक्ष धन्य कुमार जैन और सचिव परितोष त्रिवेदी एवं अन्य कार्यकारिणी सदस्यों की सराहना की इसमें और अधिक राशि की आवश्यकता पड़ने पर सहयोग का वादा किया। इसी बीच लखनादौन अधिवक्ता संघ से पधारे निर्वाचित नई कार्यकारिणी के अध्यक्ष सचिव कोषाध्यक्ष का बार के पदाधिकारियों द्वारा और श्री तन्खा द्वारा अभिवादन किया गया।
इनका रहा सहयोग
इस अवसर पर उच्च न्यायालय बार के अध्यक्ष धन्य कुमार जैन, सचिव परितोष त्रिवेदी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष अमित जैन, प्रशांत अवस्थी, सह-सचिव योगेश सोनी, राजेन्द्र प्रताप सिंह, पुस्तकालय प्रभारी रजनीश उपाध्याय, मनोज कुशवाहा, सपना तिवारी, विनोद मिश्रा, गरिमा तिवारी, रविन्द्र प्रताप सिंह, प्रियंक चंसौरिया आदि अधिवक्ताओं का सहयोग रहा।
