जबलपुर: नेताजी सुभाषचंद बोस केन्द्रीय कारगार के बाहर मंगलवार शाम करीब 5:15 बजे उस समय अफरा-तफरी एवं भगदड़ की स्थिति निर्मित हो गई जब आधा दर्जन बाइक सवार बदमाश पहुंचे और वहां खड़े एक युवक को जबरदस्ती उठाकर ले जाने लगे। गनीमत रही कि वहां मौजूद पुलिस जवान ने बदमाशों को खदेड़ दिया,वरना वे उसे उठाकर ले जाते। जिसके बाद बड़ी वारदात होने की बात से भी इंकार नहीं किया जा सकता था।
जानकारी के मुताबिक सेंट्रल जेल के बाहर शाम को करीब आधा दर्जन बाइकों मेंं आठ से दस युवक पहुंचे। जेल के बाहर ही युवकों की टोली खड़ी थी, जिनके पास चार से पांच बाइक सवार पहुंचे और उनमें से एक युवक को घसीटकर ले जाने लगे। बाइक में जबरदस्ती बैठा लिया। जब वहां मौजूद एक पुलिस जवान की नजर बाइक सवार बदमाशों की गतिविधियों पड़ी तो जवान ने बाइक सवारों को खदेड़ दिया। इस बीच बदमाश जिस युवक को ले जा रहे है वह गिर गया और बाइक सवार भाग गए। इस बीच मौके पर अफरा-तफरी का माहौल निर्मित हो गया।
कौन थे बाइक सवार, अपराधी हो गए बेखौफ-
बाइक सवार कौन थे और जिस युवक को वे उठाकर ले जा रहे थे इसके पीछे की वजह क्या थी ये फिलहाल स्पष्ट नहीं हो सका हैं, लेकिन वहां मौजूद लोग तरह- तरह की चर्चाएं करते नजर आए। कुछ तो ये भी कह रहे थे कि अपराधी कितने बेखौफ हो चले है जो पुलिस लाइन और जेल के बीच में अपहरण की तहर कोशिश कर रहे हैं।
गैंगवार की आशंका बढ़ी
सूत्रों की माने तो इस मामले के बाद से एक बार फिर से गैंगवार की आशंका बढ़ गई हैं। विदित हो कि पूर्व में जेल के भीतर गैंगवार हो चुका हैं, दो गैंग आपस में भिड़ गई थी। एक दूसरे पर हमला भी किया था। बाद में जेल प्रशासन ने गैंंगस्टरों से लेकर उनके गुर्गों की सूची बनाने के साथ उन्हें दूसरी जेल में शिफ्ट कर दिया था। अब एक बार फिर से गैंगवार की आशंका बढ़ गई हैं।
सीसीटीव्ही कैमरे में घटनाक्रम हुआ होगा कैद
जहां यह घटनाक्रम हुआ वहां सीसीटीव्ही कैमरे लगे हुए हैं। अगर सीसीटीव्ही कैमरे चालू होंगे तो यह पूरा घटनाक्रम उसमें कैद हो गया हैं, अगर इन कैमरों की जांच कराई जाए तो बाइक सवारों से लेकर जिस युवक को उठाकर ले जाने की कोशिश की गई हैं इसका पता चल सकता है।
इनका कहना है
तीन बाइक सवारों के पीछे पुलिस कर्मचारी भागे थे। जिससे भगदड़ की स्थिति निर्मित हुई। इसके पीछे का कारण स्पष्ट नहीं हुआ है सिविल लाइन पुलिस ही बता सकती हैं।
मदन कमलेश, उप जेल अधीक्षक
ऐसे किसी मामले की सूचना नहीं हैं, न ही कोई शिकायत आई हैं। अगर शिकायत आती हैं तो मामले में जांच के बाद आगे की कार्यवाही होगी।
रीतेश पांडे, सिविल लाइन थाना प्रभारी
