जबलपुर: चिटलर बिल्डर ने प्लाट बेचने के नाम पर दो और लागों को चपत लगाई। एक से 10 लाख तो दूसरे से एक लाख रूपए ऐंठे। पुलिस ने आरोपित के खिलाफ दो और एफआईआर दर्ज कर ली है। इसके पहले तीन प्रकरण दर्ज किए जा चुके है।पुलिस के मुताबिक अशोक कुमार नामदेव पिता स्व.हुलाशी नामदेव 65 वर्ष निवासी टेमरभीटा गोराबाजार ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि वर्ष जुलाई 2022 में विक्रेता मेसर्स जी.के. एस. कन्ट्रक्शन कम्पनी मालिक रमनीत सिह सेठी पिता रविन्द्र सिंह सेठी 46 वर्ष निवासी प्रीत बिहार साई मंदिर के पास नर्मदा रोड से ग्राम बरेला किसानी वार्ड न1, खम्हरिया स्थित प्लाट रजिस्ट्री सहित 10, 0000 रूपए नगद रमनीत सिंह को दिया था।
उक्त प्लाट के नामांतरण के लिये बरेला तहसील कार्यालय में किया जहां से जानकारी प्राप्त हुई तहसील कार्यालय मे बताये कि आपके नाम पर नामांतरण इसलिये नही हुआ क्योकि जमीन कम है फिर रमनीत सिंह सेठी के पास गया तो उन्होंने कहा कि जमीन पूरी है नम्बर गलत डल गया होगा। सुधार करवा दूंगा उक्त जमीन पर उसका कब्जा है किन्तु रमनीत सिंह सेठी द्वारा नामांतरण नही करवाया गया। इसी प्रकार सुधीर उपाध्याय पिता स्व. राधेश्याम उपाध्याय 46 वर्ष निवासी किसानी मोहल्ला वार्ड न. 02 बरेला ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि वर्ष 2024 सितम्बर माह में रमनीत सिंह सेठी रविन्द्र सिंह सेठी उसके पास आया और कहा कि पाँच लाख रूपये की जरूरत है जिसके एवज में बरेला कैनाल स्थित तीन प्लाट कम कीमत पर उसे बेचने का रमनीत सिंह द्वारा अनुबंध किया था।
1200 वर्गफिट 500 रूपये वर्गफिट के हिसाब से 6, 00, 000 रूपये का सौदा हुआ जिसमें से एक लाख रूपये तुरंत दे दिये थे एवं चार लाख रूपये रमनीत सिंह सेठी ने बैंक से फायनेस करवाने को कहा और बाकी के एक लाख रूपये रजिस्ट्री के समय देने को कहा। उसके पश्चात निरंतर सम्पर्क करता रहा और ये हमेशा लोन होने का बहाना बताता रहा। रमनीत सिंह सेठी व्दारा एक लाख रूपये लेकर धोखाधडी कर प्लाट की रजिस्ट्री नहीं करा रहा है ना ही पैसे वापस कर रहा है।
