टोक्यो, 14 जनवरी (वार्ता/ शिन्हुआ) जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची संभवत: 19 जनवरी को निचले सदन (हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स) को भंग कर मध्यावधि चुनाव कराने की अपनी योजना का विस्तृत विवरण देंगी। सत्तारूढ़ दलों के वरिष्ठ नेताओं के साथ बुधवार को हुई बैठक के बाद यह जानकारी दी गई।
जापान इनोवेशन पार्टी के प्रमुख हिरोफुमी योशिमुरा, जो सुश्री ताकाइची की लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी (एलडीएफ) की गठबंधन सहयोगी है, ने पत्रकारों को बताया कि प्रधानमंत्री ने सत्तारूढ़ गठबंधन के वरिष्ठ नेताओं को सूचित किया है कि वे इस वर्ष के नियमित संसदीय सत्र के शुरुआती चरण में निचले सदन को भंग कर मध्यावधि चुनाव कराने का इरादा रखती हैं।
यदि 23 जनवरी को सत्र शुरू होने के तुरंत बाद निचला सदन भंग किया जाता है, तो मध्यावधि चुनाव के लिए दो संभावित कार्यक्रम हो सकते हैं। पहले विकल्प में 27 जनवरी से आधिकारिक चुनाव प्रचार शुरू होकर 8 फरवरी को मतदान होगा। दूसरे विकल्प में 3 फरवरी से प्रचार शुरू होकर 15 फरवरी को मतदान कराया जाएगा।
यह मध्यावधि चुनाव पिछले चुनाव के डेढ़ वर्ष से भी कम समय में आयोजित किया जाएगा। जापान के संविधान के तहत निचले सदन के सदस्यों का कार्यकाल सामान्यतः चार वर्ष का होता है, जब तक कि सदन को पहले भंग न कर दिया जाए।
प्रधानमंत्री ताकाइची के इस फैसले की एलडीएफ के भीतर और विपक्षी दलों द्वारा लगातार आलोचना की जा रही है। आलोचकों का कहना है कि समय से पहले आम चुनाव कराने से वित्त वर्ष 2026 के बजट के पारित होने में देरी हो सकती है। हालांकि, सुश्री ताकाइची ने बढ़ती महंगाई से निपटने सहित अपनी नीतियों को प्राथमिकता के आधार पर लागू करने का आश्वासन दिया है।
