
छिंदवाड़ा। जिले के कोयलांचल क्षेत्र में किडनी फेल होने से तीन मासूम बच्चों की मौत हो चुकी है, जबकि छिंदवाड़ा और नागपुर में करीब एक दर्जन बच्चे उपचाररत हैं। इस घटनाक्रम ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। शासन-प्रशासन और स्वास्थ्य महकमे की टीमें प्रभावित इलाकों का दौरा कर बीमारी के कारणों की जांच में जुट गई हैं।
प्रदेश स्तरीय दल भी छिंदवाड़ा पहुंचा है, जिसमें एपिडेमियोलॉजिस्ट डॉ. शैव्या सलाम और स्टेट एंटोमॉलॉजिस्ट शैलेंद्र कुमार सिंह शामिल हैं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नरेश गुन्नाडे ने बताया कि टीम ने परासिया क्षेत्र के सेठिया, न्यूटन चिखली और बाग बर्धिया गांवों का निरीक्षण किया। वहां स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को एक्टिव केयर सर्च के लिए सेंसिटाइज किया गया। साथ ही मच्छरों, कृंतकों और मानव रक्त के नमूने लेकर उच्च स्तरीय लैब भेजे गए हैं।
सर्वे में अब तक कोई गंभीर मरीज सामने नहीं आया है और स्थिति सामान्य बताई जा रही है। इसके बाद टीम पांढुर्ना के जॉबलडेरा गांव भी पहुंची। सीएमएचओ ने लोगों से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और बच्चों में बुखार, पेट दर्द या उल्टी जैसे लक्षण दिखने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं।
पांचों मरीज स्थिर
जिला अस्पताल में भर्ती पांच बच्चों प्रेयांश (5), धानी (1.3), विहान (5), अभिजीत (18 माह) और प्रेयांश (3) का इलाज जारी है। डॉक्टरों ने बताया कि धानी को छोड़कर सभी की हालत स्थिर है।
अलग वार्ड की व्यवस्था
सीएमएचओ डॉ. गुन्नाडे ने बताया कि परासिया में एक अलग अस्पताल वार्ड तैयार कर दिया गया है, जहां सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं। प्रदेश और जिला स्तरीय टीमें प्रभावित इलाकों में लगातार दौरे कर बीमारी के कारणों का पता लगा रही हैं और लोगों को सतर्क कर रही हैं। सभी नमूने जांच के लिए भेजे जा चुके हैं।
