भालू के हमले से घायल आदिवासी को ग्रामीणों और वनकर्मियों ने बचाया

पचमढ़ी। पचमढ़ी के काजीघाट जंगल में मंगलवार-बुधवार की रात एक भयावह घटना सामने आई। लुहान (लार) और गोंद इकट्ठा करने गए एक बुजुर्ग आदिवासी पर मादा भालू ने हमला कर दिया। रातभर वह जंगल में दर्द से कराहता रहा।

सुबह उसकी पत्नी पचमढ़ी नींबूखट पहुंची और ग्रामीणों को जानकारी दी। सूचना मिलते ही स्थानीय ग्रामीण और वनकर्मी मौके पर पहुंचे। बल्ली और चादर से बनी डोली में घायल को रखकर करीब 5 किलोमीटर पैदल चलकर जंगल से बाहर निकाला गया।

एसटीआर के सहायक संचालक संजीव शर्मा ने बताया कि हमला तभी हुआ जब बुजुर्ग जंगल में लार निकाल रहे थे। फॉरेस्ट नाकेदार प्रवीण मिश्रा, फिरोज खान, चौकीदार ललित और बुधवान सहित ग्रामीणों की मदद से घायल को जंगल से बाहर लाया गया। उसके पैर में फ्रैक्चर है और प्राथमिक उपचार के बाद उसे नर्मदापुरम रेफर किया गया।

घटना मानव-वन्यजीव संघर्ष की याद दिलाती है और यह दिखाती है कि स्थानीय समुदाय और वनकर्मी मिलकर कितनी बहादुरी से जीवन बचा सकते हैं।

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