भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज बताया कि जबलपुर–गोंदिया गेज परिवर्तन परियोजना समन्वित शासन और PM PRAGATI मंच के प्रभावी हस्तक्षेप का उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने कहा 285 किलोमीटर लंबी इस महत्वपूर्ण रेल परियोजना की कुल लागत 1,990.98 करोड़ है, जिसके तहत बालाघाट-कटंगी खंड को नैरो गेज से ब्रॉड गेज में परिवर्तित किया गया है।
मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से चर्चा में बताया कि इस परियोजना का उद्देश्य मध्य भारत की रेल कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करना तथा अत्यधिक व्यस्त रेल मार्गों के लिए एक वैकल्पिक, उच्च क्षमता वाला कॉरिडोर विकसित करना था।
इसके माध्यम से मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के बीच सीधा, तेज और अधिक क्षमता वाला रेल संपर्क स्थापित हुआ है। परियोजना से जबलपुर, बालाघाट, मंडला और सिवनी जिलों को नागपुर, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई जैसे प्रमुख महानगरों से बेहतर रेल संपर्क मिला है।डॉ. यादव ने बताया कि 23 मार्च 2016 को PM PRAGATI मंच पर परियोजना से जुड़ी जटिल बहु-विभागीय बाधाओं का समाधान किया गया। वर्षों से लंबित बालाघाट जिले में 75.4 हेक्टेयर वन भूमि स्वीकृति, नैनपुर-बालाघाट खंड में 27,100 वृक्षों की चरणबद्ध कटाई, तथा राज्य राजमार्ग-11 पर रेल क्रॉसिंग के लिए सड़क विचलन, भूमि अधिग्रहण और आरओबी निर्माण जैसे कार्य समयबद्ध रूप से पूरे किए गए।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री कार्यालय, रेल मंत्रालय, पर्यावरण एवं वन मंत्रालय, सड़क परिवहन मंत्रालय और राज्य शासन के उच्च-स्तरीय समन्वय से परियोजना को मिशन मोड में क्रियान्वित किया गया। सभी बाधाओं के समाधान के बाद निर्माण कार्य तेज गति से आगे बढ़ा और मार्च 2021 में परियोजना 100 प्रतिशत पूर्ण होकर चालू हो गई।मुख्यमंत्री ने कहा कि इस परियोजना से माल परिवहन सस्ता, तेज और अधिक सक्षम हुआ है, जिससे व्यापार और वाणिज्य को नई गति मिली है। साथ ही जनजातीय और वन क्षेत्रों को बाजार, स्वास्थ्य, शिक्षा और पर्यटन से बेहतर जुड़ाव मिला है, जिससे स्थानीय समुदायों के लिए रोजगार के अवसर और जीवन स्तर में सुधार हुआ है।
