अभिषेक बच्चन ने ऐश्वर्या राय के साथ 18 साल के रिश्ते पर तोड़ी चुप्पी, स्टारडम और इनसिक्योरिटी की खबरों को किया खारिज, बताया बराबरी और सम्मान ही है सफल शादी का असली राज

मुंबई | बॉलीवुड के पावर कपल अभिषेक बच्चन और ऐश्वर्या राय बच्चन की शादी हमेशा से सुर्खियों में रही है। हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान अभिषेक ने अपने वैवाहिक जीवन की सफलता के रहस्यों को साझा किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके बीच का रिश्ता हमेशा एक मजबूत पार्टनरशिप की तरह रहा है, जिसमें नकारात्मक ‘ईगो’ के लिए कोई जगह नहीं है। अभिषेक के अनुसार, एक सफल रिश्ते के लिए आत्मविश्वास जरूरी है, न कि एक-दूसरे को नीचा दिखाना। उन्होंने जोर देकर कहा कि वह ऐसे रूढ़िवादी विचारों में विश्वास नहीं रखते जहां पुरुष को ‘मर्दाना’ महसूस कराने के लिए महिला को अपना करियर या पहचान छोड़नी पड़े। यही प्रगतिशील सोच उनके 18 साल लंबे सफर को मजबूती दे रही है।

जब अभिषेक से ऐश्वर्या के विशाल स्टारडम और उससे होने वाली संभावित असुरक्षा (इनसिक्योरिटी) के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने इसे पूरी तरह से नकार दिया। अभिषेक ने अपनी परवरिश का उदाहरण देते हुए बताया कि उन्होंने अपने घर में माता-पिता, अमिताभ बच्चन और जया बच्चन के बीच हमेशा एक संतुलित और सम्मानजनक रिश्ता देखा है। उनके लिए अपनी पत्नी की सफलता पर गर्व करना एक स्वाभाविक प्रक्रिया है। अभिषेक ने साझा किया कि वे ऐश्वर्या को उनके करियर के शुरुआती दिनों से जानते हैं, इसलिए उनके बीच स्टारडम कभी दीवार नहीं बना। उनके अनुसार, जब दो लोग एक-दूसरे की उपलब्धियों का सम्मान करते हैं, तो असुरक्षा की भावना स्वतः ही खत्म हो जाती है।

पिछले कुछ समय से सोशल मीडिया और गलियारों में अभिषेक और ऐश्वर्या के अलगाव की उड़ रही अफवाहों पर भी एक्टर ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने इन खबरों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि उनके रिश्ते की बुनियाद गहरी दोस्ती पर टिकी है। बता दें कि साल 2000 में फिल्म ‘ढाई अक्षर प्रेम के’ के सेट पर शुरू हुई यह दोस्ती 20 अप्रैल 2007 को विवाह के बंधन में बंधी थी। अभिषेक ने साफ किया कि बाहरी दुनिया की अटकलें उनके निजी जीवन को प्रभावित नहीं करतीं। आज भी यह जोड़ी फिल्म इंडस्ट्री में बराबरी, आपसी समझ और सम्मान की एक बेहतरीन मिसाल पेश करती है, जो हर उतार-चढ़ाव में एक-दूसरे के साथ मजबूती से खड़ी है।

Next Post

39 साल पहले सिर्फ 9 करोड़ के बजट में रामानंद सागर ने रची थी कालजयी 'रामायण', बिना आधुनिक VFX के अगरबत्ती के धुएं और रुई के बादलों से पैदा किया था दिव्य और भव्य जादुई असर

Sat Apr 4 , 2026
मुंबई | 04 अप्रैल, 2026: आज के दौर में जहां नितेश तिवारी की ‘रामायण’ जैसी फिल्में हजारों करोड़ के बजट में बन रही हैं, वहीं 39 साल पहले रामानंद सागर ने महज 7 से 9 करोड़ रुपये में भारतीय टेलीविजन का सबसे बड़ा इतिहास रच दिया था। 1987 में प्रसारित […]

You May Like