इंदौर: भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पेयजल से फैली बीमारी का असर अब भी जानलेवा बना हुआ है. बीमार लोगों की संख्या धीरे धीरे कम हो रही है, लेकिन मौतों का आंकड़ा थमने का नाम नहीं ले रहा. बीते दो दिनों से लगातार इलाजरत मरीजों की मौत हो रही है और रविवार सुबह एक और बुजुर्ग ने दम तोड़ दिया. इसके साथ ही इलाके में अब तक मौतों की संख्या बढ़कर 23 हो चुकी है.
सरकारी रिकॉर्ड में भले ही मौतों के आंकड़े कुछ और बताए जा रहे हों, लेकिन स्थानीय लोगों के मुताबिक भागीरथपुरा की अलग अलग गलियों में रहने वाले 23 लोगों की जान जा चुकी है.
ताजा मामला भागीरथपुरा की इमली गली का है, जहां रहने वाले भगवान भारने का रविवार सुबह निधन हो गया. सूत्रों के अनुसार भगवान भारने की तबीयत खराब होने पर पहले उनका इलाज शेल्बी अस्पताल में कराया जा रहा था. हालत में सुधार नहीं होने पर उन्हें बॉम्बे अस्पताल रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान रविवार सुबह उनकी मौत हो गई. मौत की खबर मिलते ही परिजन और आसपास के रहवासी उनके घर पहुंच गए. मृतक भगवान भारने अपने पीछे दो बेटे और दो बेटियां छोड़ गए हैं, वे पूर्व में गुजराती कॉलेज में कर्मचारी के रूप में कार्यरत रहे थे.
