
गिर सोमनाथ। भारत की सांस्कृतिक विरासत और ऐतिहासिक स्वाभिमान को नई ऊर्जा देने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शनिवार शाम सोमनाथ पहुंच गए हैं। यहां वे 72 घंटे तक चलने वाले ओंकार मंत्र जाप कार्यक्रम में सहभागिता करेंगे और भव्य ड्रोन शो का अवलोकन भी करेंगे।
प्रधानमंत्री इस अवसर पर शौर्य यात्रा में भी शामिल होंगे, जो सोमनाथ मंदिर की रक्षा करते हुए अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर योद्धाओं की स्मृति में आयोजित की जा रही है। यात्रा में वीरता और बलिदान के प्रतीक स्वरूप 108 घोड़ों का प्रतीकात्मक जुलूस निकाला जाएगा, जो श्रद्धा और शौर्य का संदेश देगा।
रविवार सुबह लगभग 10:15 बजे प्रधानमंत्री सोमनाथ मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना करेंगे। इसके पश्चात वे सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के तहत आयोजित सार्वजनिक समारोह में भाग लेकर देशवासियों को संबोधित करेंगे।
इस ऐतिहासिक आयोजन को वर्ष 1026 में सोमनाथ मंदिर पर हुए आक्रमण की एक हजारवीं वर्षगांठ के रूप में मनाया जा रहा है। स्वाभिमान पर्व में देशभर से सैकड़ों साधु-संतों की सहभागिता रहेगी।
प्रधानमंत्री के आगमन से पहले ही सोमनाथ शंख सर्कल से हमीरजी सर्कल तक शौर्य यात्रा मार्ग पर ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत की भावना साकार नजर आई। कर्नाटक, पश्चिम बंगाल सहित विभिन्न राज्यों के कलाकारों ने यक्षगान, कुचिपुड़ी, भरतनाट्यम, मणियारो रास जैसी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से वातावरण को जीवंत बना दिया। इन कार्यक्रमों को देखने के लिए श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही।
सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के माध्यम से आस्था, इतिहास और राष्ट्रीय एकता का यह संगम देश को अपनी गौरवशाली विरासत पर गर्व करने का संदेश दे रहा है।
