इंदौर: प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बिना लाइसेंस संचालित पानी की फैक्ट्री में कारोबार बंद कराया. 7 हजार लीटर पैकेज ड्रिंकिंग वाटर सील किया गया.मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा इंदौर में फूड एंड ड्रग लैब के उद्घाटन अवसर पर मिलावटखोरों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे. उन्हीं निर्देशों के अनुपालन में कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देशन में दल द्वारा बड़ी कार्रवाई करते हुए आज ट्रांसपोर्ट नगर स्थित मैकेनिक नगर क्षेत्र पर त्रिवेंटा इंटरप्राइजेस की जांच की गई.
मौके पर पानी का ट्रीटमेंट एवं पैकेज ड्रिंकिंग वाटर बनाना जाना पाया गया. मौके पर बिना लाइसेंस के पानी के बोतलों का निर्माण किया जा रहा था. मौके पर पानी के नमूने लिए गए एवं उक्त फर्म को लाइसेंस लिए जाने तक कारोबार को बंद कराया गया.मौके पर पेस्ट कंट्रोल सर्टिफिकेट,पानी की जांच रिपोर्ट इत्यादि नहीं पाई गई, न ही वॉटर ट्रीटमेंट संबंधी कोई दस्तावेज मौके पर प्रस्तुत किए गए. मौके पर 57 हजार 650 रूपये का पैकेज ड्रिंकिंग वॉटर सील किया गया. मौके पर प्रतिष्ठान में खाद्य कारोबार तुरंत प्रभाव से बंद कराया गया.
रेस्टोरेंट से लिए नमूने
इस क्रम में प्राप्त शिकायत के आधार पर सांवरिया किचन एवं टिफिन सेंटर से तुअर दाल एवं मिक्स वेज सब्जी के नमूने लिए गए. साथ ही बर्गर किंग रेस्टोरेंट, मल्हार मेगा माल में चिकन बर्गर में कॉकरोच की शिकायत प्राप्त होने पर तुरंत जांच की गई मौके से चिकन बर्गर एवं उपयोग में होने वाले तेल के नमूने लिए गए. विक्रेता को सुधार सूचना पत्र भेजा जा रहा है.
रिपोर्ट के आधार पर होगी कार्रवाई
कलेक्टर शिवम वर्मा ने बताया कि नागरिकों को शुद्ध एवं सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है. लिए गए सभी नमूनों को विस्तृत जाँच हेतु राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भोपाल की ओर भेजा जा रहा है, जिनकी विश्लेषण रिपोर्ट प्राप्ति उपरांत अग्रिम वैधानिक कार्यवाही की जाएगी
