ग्वालियर: नगर निगम कमिश्नर ने निर्देश दिए हैं कि पानी की गुणवत्ता की जांच के लिए चारों वाटर ट्रीटमेंट प्लांट पर प्रतिदिन सैम्पलिंग की जाये। इसके साथ ही शहर के विभिन्न स्थानों पर भी रेंडमली पानी के सैम्पल जांच कर प्रतिदिन उसकी रिपोर्ट दी जाए।
इंदौर में प्रदूषित पानी पीने से हुई मौतों के बाद मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के निर्देश पर पूरे प्रदेश में शुद्ध पेयजल को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है, ग्वालियर नगर निगम कमिश्नर ने भी पेयजल को लेकर अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं, कमिश्नर संघ प्रिय ने आज जल प्रदाय एवं सीवरेज व्यवस्था की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि शहर में गंदे पानी की शिकायत कहीं से भी आ रही है तो उसको गंभीरता से लें तथा उसका तत्काल निराकरण करायें एवं सीएम हेल्पलाइन में आने वाली शिकायतों का निराकरण दो दिन में आवश्यक रूप से हो जाना चाहिए।
कार्यपालन यंत्री एवं संबंधित अपर आयुक्त नियमित इसकी मॉनिटरिंग करें।ग्वालियर में बाल भवन सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में नगर निगम आयुक्त संघ प्रिय ने शहरी क्षेत्र में सुरक्षित एवं निर्बाध जलापूर्ति के लिए निगम के सभी अधिकारियों को निर्देश दिए। बैठक में निगमायुक्त संघ प्रिय ने बताया कि शहर के सभी सघन क्षेत्रों में 20 साल से पुरानी पानी की लाइनों का चिन्हांकित करें तथा जल वितरण प्रणाली का सात दिवस में सर्वे करें।
उन्होंने कहा कि पुरानी एवं बार-बार लीकेज होने वाली लाइनों को चिन्हित करें उनको बदलने का प्रस्ताव दें।इसके साथ ही जिस क्षेत्र में पानी की लाइन में लीकेज है और दूषित पानी आ रहा है, तो जल प्रदाय तत्काल बंद कर टेंकर एवं अन्य माध्यम से पानी की सप्लाई की जाए तथा तत्काल समस्या का निराकरण कराया जाए।
