करनवास: करोड़ों की लागत से मोहनपुरा बांध सिंचाई परियोजना का निर्माण किया गया. किसानों को सिंचाई और पेयजल के लिए निर्वाध आपूर्ति करने का दावा किया गया. लेकिन मैदानी हकीकत कुछ और नजर आ रही है. कई गांवों में किसानों को प्रेशराई ज्ड पानी पाईप लाईनों से नहीं मिल रहा है. कहीं वॉल्ब खराब पड़े हैं तो कहीं चैकवेल से डायरेक्ट पानी लिया जा रहा है. मामले में विभागीय अधिकारियों को भी जानकारी नहीं है. साथ ही मेंटिनेंस टीम भी
इससे अनजान है. जानकारी के अनुसार मोहनपुरा सिंचाई परियोजना किसानों के लिए लाभप्रद साबित हो रही है. लेकिन क्षेत्र में कई किसानों को इसका लाभ नहीं मिला है. एक बूंद तक पानी खेतों तक नहीं पहुंचा. सैकड़ों किसान आज भी मोहनपुरा प्रेशखाज सिंचाई परियोजना इतजार कर रहे हैं. पाइपलाइन से पानी आने का किसान पिछले तीन वर्षों से इंतजार कर रहे है. उन्हें टैक्स भी वसूला जा रहा है.
सिचाई पर लगने वाला कर जो की सिचाई विभाग पानी देने के बदले वसूल करता है उसकी राशि समीपस्थ ग्राम शेरपुरा के किसान दे रहे है. चर्चा करने पर कृषकों लक्ष्मीचंद यादव, रामनारायण बादव, सुरेश, खेमराज, गुप्ता, शुमि मुकेश आदि ने बताया कि किसानों की कर पूरा वसूला जा रहा है लेकिन पानी नहीं मिल रहा है. करनबास अंचल के किसान मोहनपुरा डैम से पानी नहीं मिलने से परेशान है. किसानों ने बताया कि वार्षिक रूप से सिंचाई विभाग से रसीद भी कटवा रहे है.
बावजूद आज तक उक्त किसानों के खेतों तक पानी नहीं पहुंचा है जबकि आसपास क्षेत्र के किसानों को पिछले तीन वर्षों से पानी मिल रहा है जो आउटलेट की बजाए चैकवाल से डायरेक्ट पानी ले रहे है. लेकिन विभाग इस पर कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है, शाहपुरा गांव में भी 10 से 12 ऐसे किसान है जिन्हें नहर चालू हुए करीबन तीन साल बाद भी पानी नहीं मिल रहा. चॉल्व को निकाल कर कई लोगों ने उसमें पाइप लगा लिए है. जिससे आखिरी के छोर वाले किसानों कोप्रेशर से पानी नहीं मिल पा रहा. कई किसानों की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है लेकिन आज दिनांक तक उक्त किसानों पर सिचाई विभाग द्वारा किसी भी प्रकार की कोई भी भाग कार्रवाई नहीं की जा रही है.
जानकारी मिली है, जांच कराएंगे
आपके माध्यम से जानकारी मिली है. हम इसकी जांच करवा रहे हैं. किसानों के खेतों तक हमारे वॉल्व लगे है लेकिन यदि उनके पानी नहीं जा रहा है तो हम आगामी सोमवार या मंगलवार तक मौका मुआयना करवाएंगे और जांच कराते हुए आवश्यक कार्यवाही की जाएगी.
राजीव कुमार श्रीवास्तव, एसडीओ मोहनपुरा परियोजना
