
उज्जैन। 8 साल पहले लूट के इरादे से खेत पर सोए वृद्ध की हत्या करने वाले आरोपी को न्यायालय ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। आरोपी पर 20 हजार का अर्थ दंड भी लगाया गया है।
मीडिया सेल प्रभारी कुलदीप सिंह भदौरिया ने बताया कि 2 जून 2017 को सुबह वीरेन्द्र सिंह ने इस आशय की सूचना दी कि वह ग्राम थड़ोदा में रहता है एवं शासकीय प्राथमिक विद्यालय हिपाखेड़ी में सहायक शिक्षक के पद पर पदस्थ है। स्कूल की छुट्टी होने के कारण वह उस दिन घर पर था। उसके पिताजी विक्रम खेत पर बने मकान पर ही 10-15 साल से रह रहे थे तथा रात में भी खेत पर बने मकान पर सोते थे और सुबह 06 बजे घर पर आ जाते थे। कल रात भी वे खेत पर सोने गये थे। सुबह उसके पिताजी घर नहीं आये इसलिए वह खेत पर बने मकान पर गया तो देखा कि मकान का ताला लगा था। उसके पिताजी खेत पर नहीं थे। उसने सोचा कि ताला लगा है इसलिए पिताजी घर चले गये होंगे और वह घर वापस आ गया और अपने पिताजी के मोबाइल नंबर पर फोन लगाया तो फोन स्विच ऑफ था। फिर वह अपनी मां कमलकुंवर के साथ खेत पर गया और खेत पर बने मकान की दीवार के छेद में से अंदर देखा तो उसके पिताजी अंदर पड़े थे। उसने गजराजसिंह को बुलाया और ताला तोडक़र अंदर जाकर देखा तो उसके पिताजी के हाथ, पैर व मुंह बंधा हुआ था। सीने में और शरीर में चोट लगी थी और खून निकल रहा था। किसी अज्ञात व्यक्ति ने उसके पिताजी के हाथ, पैर बांधकर मारपीट कर हत्या कर दी है। खेत पर बंधी भैंस, पाड़ी भी वहां नहीं थीं, मोबाइल भी नहीं मिला है। पुलिस ने साइबर सेल की मदद से मोबाइल की लोकेशन ट्रेस कर कैलाश पिता मांगू डोडियार 35 वर्ष, निवासी ग्राम उमरबट्टा, थाना रावटी, जिला रतलाम को गिरफ्तार किया था। 8 साल चली सुनवाई के बाद प्रथम अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश नीतू कांत वर्मा खाचरौद द्वारा आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। प्रकरण में पैरवी सुनील परमार, विशेष लोक अभियोजक द्वारा की गई।
