
शाजापुर/नलखेड़ा। नव वर्ष के पहले दिन लोगों ने देवदर्शन कर साल 2026 का आगाज किया. शाजापुर और आगर जिले के प्रसिद्ध मंदिरों में हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे. जहां उन्होंने माथा टेककर सुख-समृद्धि की कामना की. वहीं साल के पहले दिन पिकनिक स्पॉट भी हाउसफुल रहे.
बता दें विश्व प्रसिद्ध मां बगलामुखी मंदिर में हजारों की संख्या में भक्तों ने दर्शन कर अपने नए साल की शुरुआत की. मां बगलामुखी मंदिर में नव वर्ष के प्रथम दिन को मंदिर पर मां बगलामुखी की आरती में कई भक्तों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई. आरती में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी. मां के दर्शन के लिए देश-विदेश से श्रद्धालु मां के दरबार में पहुंच कर शीश नवाया और सुख समृद्धि की कामना कर नववर्ष की शुरुआत की. नव वर्ष के पर लगभग एक लाख से श्रद्धालुओं ने मां बगलामुखी के दर्शन किए हैं. इसी प्रकार शाजापुर में मां राजराजेश्वरी मंदिर, ओंकारेश्वर मंदिर, मुरादपुरा हनुमान मंदिर, बोलाई हनुमान मंदिर, बापू की कुटिया, भैरव डूंगरी सहित अन्य मंदिरों में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा.
हवन-अनुष्ठान हुए
नव वर्ष पर मंदिर पर जहां एक ओर साधक-आराधकों द्वारा मंत्रों के साथ माता की आराधना की जा रही थी. वहीं पंडितों द्वारा श्रद्घालुओं के हवन, पूजन एवं अनुष्ठान विधिपूर्वक संपन्न कराए गए. दर्शनार्थियों द्वारा हवन के दौरान माता का स्मरण करते हुए मंगल आहुतियां पवित्र हवनकुंड में अर्पित की गई. इसके अलावा मंदिर पर श्रद्घालुओं द्वारा माता के जयकारे लगाते हुए परिसर के अंदर भजन-कीर्तन करते हुए नृत्य भी किए गए.
देर रात तक चला दर्शन-पूजन का दौर
दर्शनार्थियों की लाइन से बेरिकेट्स रात तक भरे थे. लेकिन मन में श्रद्धा लिए भक्त माता के जयकारों के साथ धीरे-धीरे आगे बढ़ते रहे. भक्तों द्वारा लगाए गए माता की जयकारों से पूरा मंदिर परिसर गुंजायमान रहा तथा बाहर से आए श्रद्धालुओं ने बगलामुखी के आंगन में भजन भी गाए. नववर्ष के प्रथम दिन मातारानी का आलौकिक श्रृंगार किया गया था व मंदिर परिसर पुष्पों से सजाया गया था. सिद्धपीठ पहुंचे भक्तों द्वारा भीड़ को देखते हुए बाहर से ही शिखर दर्शन कर चले गए. कई भक्तों द्वारा मंदिर परिसर में स्थित यज्ञशाला में परिवार की खुशहाली तथा अपनी मनोकामना पूर्ति हेतु हवन अनुष्ठान भी किया.
गर्भगृह में नहीं दिया प्रवेश
मंदिर प्रबंध समिति द्वारा गुरुवार को प्रात: काल से ही भक्तों का गर्भगृह में प्रवेश निषेध कर दिया गया था. दर्शनार्थियों को सोलह खंभे वाले पांडाल से दर्शन करवाए जा रहे थे. नववर्ष पर दर्शनार्थियों का आलम यह था कि बेरिकेट्स में लाइन खचाखच भरी हुई थी. जिसमें दर्शनार्थियों को एक घंटे में दर्शन हुए. माता मंदिर पर पहुंचे भक्तों द्वारा मां के दरबार में शीश नवाया व नववर्ष 2026 परिवार में सुख, शांति, समृद्धि व खुशहाली लेकर आए, इस तरह की कामना की गई.
आस्था के रंग में रंगा नजर आया शहर…
नव वर्ष पर सुबह से लेकर रात तक दर्शनों का दौर चलता रहा. प्रथम दिवस प्रदेश सहित देश भर से एक लाख से श्रद्धालु भक्त धार्मिक आस्था के साथ मां बगलामुखी के दरबार पहुंचे. जहां भक्तों द्वारा मां के दर्शन, पूजन व हवन अनुष्ठान किए. भक्तों द्वारा देवी दर्शन कर अपने नववर्ष की शुरुआत की गई. मां के दरबार में आकर्षक सजा-सज्जा की गई थी. दूधिया रोशनी से कोना-कोना जगमगा उठा. नगर सहित आसपास के व वीआईपी कई स्थानों से श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला अनवरत जारी रहा. सुबह से ही भक्तों की लंबी-लंबी कतारें माता के दर्शन के लिए लगने लगी, जो देर रात तक चलता रहा.
तहसीलदार और थाना प्रभारी ने संभाली व्यवस्था
मां बगलामुखी मंदिर में भक्तों की भीड़ को देखते हुए तहसीलदार प्रियंक श्रीवास्तव, थाना प्रभारी नागेश यादव, कस्बा पटवारी रामपाल सिंह तोमर, मुकेश चौहान व पुलिस के द्वारा व्यवस्था संभाली गई. नव वर्ष के प्रथम दिन अधिक वाहन आने से प्रशासन द्वारा बनाई वाहन पार्किंग तीर्थ यात्री सदन सहित तीन से अधिक स्थानों पर वाहन पार्किंग की व्यवस्था की गई थी, जो फुल हो गई. श्रद्धालुओं को अधिक भीड़ होने के कारण वाहन पार्किंग के लिए मशक्कत करना पड़ी. उन्हें इधर-उधर लगा दिए जाने से जाम की स्थिति भी निर्मित होती रही.
मंदिर परिसर में बढ़ती भीड़, घटती सुविधाएं
नव वर्ष या विशेष पर्वों पर यहां श्रद्धालुओं की भीड़ हजारों में होती है, पर व्यवस्थाएं मानो कुछ लोगों तक ही सीमित हैं. एक ही मार्ग से दर्शन और निकास, बिना कंट्रोल रूम या डिजिटल स्क्रीन के घंटों लंबी कतारें, यह स्थिति किसी राष्ट्रीय स्तर के मंदिर के लिए चिंताजनक है. नलखेड़ा न केवल धार्मिक आस्था का धाम है, बल्कि यह क्षेत्र मध्यप्रदेश के धार्मिक पर्यटन नक्शे का मजबूत दावेदार भी बन सकता है. यदि यहां बगलामुखी लोक या कॉरिडोर जैसी योजनाएं लाई जाती हैं, तो यह क्षेत्र उज्जैन, ओंकारेश्वर, चित्रकूट जैसी श्रेणी में खड़ा हो सकता है.
