
उज्जैन। गांव में बने मंदिर के पुजारी ने जहर खा लिया हालत बिगडऩे पर भानेज को फोन लगाया। पुजारी को अस्पताल लाया गया लेकिन उसकी मौत हो गई। ग्राम नरसली में रहने वाला राकेश पिता सिद्धनाथ बैरागी गांव में ही राम मंदिर का पुजारी था। बुधवार दोपहर वह घर से तराना आया था। शाम को उसने अपनी भानेज अंजू को मोबाइल पर कॉल किया और जहर खाने की जानकारी दी। परिवार तराना पहुंचा राकेश बेसुध हालत में मिला। उसे तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। जहां से उज्जैन रेफर कर दिया गया। चरक अस्पताल लाने पर रात में राकेश की मौत हो गई। गुरुवार सुबह कोतवाली पुलिस ने पोस्टमार्टम कराया है। परिजनों का कहना था कि राकेश ने जहर क्यों खाया इसकी वजह पता नहीं है। घर में कोई वाद विवाद भी नहीं था ना ही किसी से लेनदेन था। कोतवाली पुलिस मामले की जांच संबंधित थाना पुलिस को सौपेगी। इधर तराना के ग्राम खाखरी सुल्तान में रहने वाला ओमप्रकाश पिता रमेश चंद्र चौहान 37 वर्ष 20 दिसंबर को सडक़ दुर्घटना में घायल हो गया था। परिजन उपचार के लिए उज्जैन लेकर आए थे ओमप्रकाश का उपचार निजी अस्पताल में चल रहा था जहां रात में उसकी मौत हो गई। आज सुबह पोस्टमार्टम के दौरान परिजनों ने बताया कि ओमप्रकाश दो बच्चों का पिता था और मजदूरी करता था। दुर्घटना वाले दिन माली खेड़ा गया था जहां से लौटते समय उसे अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी थी।
