मोदी की उपस्थिति में एक शक्ति है : ब्राजीली संस्कृत विद्वान

मोदी की उपस्थिति में एक शक्ति है : ब्राजीली संस्कृत विद्वान

नयी दिल्ली, 16 सितंबर (वार्ता) ‘ उनकी उपस्थिति में एक शक्ति है- एक अदृश्य बल जो उनके आसपास के वातावरण को बदल देता है।’ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रति यह भाव है ब्राजील के संस्कृत और वैदिक ज्ञान के अध्येता और अध्यापक आचार्य जोनास मेसेत्ती का ।

पद्मश्री अलंकरण से सम्मानित आचार्य मेसेत्ती ने प्रधानमंत्री श्री मोदी की 75वीं वर्षगांठ की पूर्व संध्या पर एक संदेश में लिखा , ” मेरी दृष्टि में श्री मोदी केवल राजनीतिक नेता ही नहीं बल्कि उनके अंदर कोई बड़ी शक्ति है। कोई उनसे भी बड़ी चीज जो उनका मार्गदर्शन करती है।”

इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने के बाद ब्राजील की सेना में पांच साल की सेवा छोड़ कर आज रियो डी जनेरियो में विश्व विद्या संस्थान का संचालन कर रहे श्री मेसेत्ती ने अपने अनुभवों के आधार पर लिखा है , ‘उनकी उपस्थिति में एक शक्ति है, एक अदृष्य शक्ति जो उनके आस पास का पूरा वातावरण बदल देती है।’

उनके अनुसार ‘मोदीजी का नेतृत्व न केवल राजनीतिक, बल्कि अति शांत और प्रमाणिक तरीके से गहन रूप से आध्यात्मिक है। वह साधारण पृष्ठभूमि से ऊपर उठे हैं, इसके पीछे किसी विशेषाधिकार की भूमिका नहीं रही है बल्कि उनके उद्देश्य ने उन्हें यहां तक पहुंचाया है। ‘

ब्राजीली विद्वान ने लिखा है कि श्री मोदी 75 वर्ष की अवस्था में एक दीपस्तंभ की भांति हैं- जो यह बताता है कि सही मायने में व्यक्ति की महानता उसकी पदवी नहीं बल्कि वह उद्देश्य है जिसके लिए वह जीता है। उनका कहना है अपने उद्देश्य के प्रति श्री मोदी की ‘ अडिग प्रतिबद्धता उनकी इस सोच को दर्शाती है कि भारत का भविष्य केवल आर्थिक और भूराजनीतिक स्थिति पर ही नहीं बल्कि धर्म, अस्मिता और उसकी आत्मा पर टिका है।’

आचार्य मेसेत्ती ने कहा है कि उन्हें श्री मोदी को एक नहीं कई बार नजदीक से देखने का अवसर मिला है और हर बार उनका यही अनुभव रहा है कि उनके सामने कोई राजनेता नहीं बल्कि किसी बड़ी आंतरिक शक्ति का धनी व्यक्तित्व उपस्थित है और जिसे उससे भी बड़ी कोई शक्ति दिशा दिखा रही है।

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