इस्लामाबाद, 31 दिसंबर, 2025: पाकिस्तान में राजनीतिक तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की बहन अलीमा खान को पुलिस ने अडियाला जेल के बाहर से उस समय गिरफ्तार कर लिया, जब वह अपने भाई से मिलने की अनुमति न मिलने पर धरने पर बैठी थीं। अदालती आदेश के बावजूद प्रशासन ने मुलाकात की इजाजत नहीं दी, जिसके बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई। कड़ाके की सर्दी के बीच पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे पीटीआई (PTI) समर्थकों को खदेड़ने के लिए उन पर ठंडे पानी की बौछारें भी कीं, जिसकी मानवाधिकार संगठनों ने कड़ी निंदा की है।
गिरफ्तारी से ठीक पहले अलीमा खान ने सेना प्रमुख आसिम मुनीर पर सीधा हमला बोलते हुए इसे तानाशाही की पराकाष्ठा बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि पाकिस्तान में कानून का खुलेआम उल्लंघन किया जा रहा है और नागरिकों को उनके बुनियादी अधिकारों से वंचित रखा जा रहा है। अलीमा ने संकल्प दोहराया कि जेल की सलाखें उनके हौसलों को नहीं तोड़ सकतीं और इमरान खान के समर्थन में जल्द ही देश की जनता सड़कों पर उतरेगी। इन आरोपों ने पाकिस्तान की सत्ता और सेना के बीच जारी टकराव को एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में ला दिया है।
इमरान खान की गिरफ्तारी के विरोध में बड़ी संख्या में पीटीआई कार्यकर्ता जेल के बाहर जुटे हुए थे, जिन्होंने सेना प्रमुख और शहबाज शरीफ सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। समर्थकों का कहना है कि सरकार परिवार के सदस्यों को प्रताड़ित कर इमरान खान पर दबाव बनाने की कोशिश कर रही है। देश में बढ़ती महंगाई और इस राजनीतिक अस्थिरता ने आम नागरिकों के बीच भारी रोष पैदा कर दिया है। विश्लेषकों का मानना है कि खान के परिवार पर की जा रही यह कार्रवाई भविष्य में पाकिस्तान की आंतरिक सुरक्षा और लोकतंत्र के लिए गंभीर चुनौती बन सकती है।

