
इंदौर. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मासिक रेडियो कार्यक्रम मन की बात के 129वें संस्करण का रविवार को इंदौर जिले के शिप्रा में आयोजन हुआ. मुख्यमंत्री ने शासकीय स्वास्थ्य केंद्र शिप्रा में कार्यक्रम का सुना. इस दौरान बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे. कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने देशवासियों से बिना चिकित्सकीय परामर्श के एंटीबायोटिक दवाइयों का सेवन न करने की अपील करते हुए इसे स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बताया.
मन की बात में प्रधानमंत्री ने वर्ष 2025 की प्रमुख उपलब्धियों का जिक्र किया. उन्होंने अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला की सफल वापसी, भारत के ऑपरेशन सिंदूर, पुरुष और महिला क्रिकेट टीम की खिताबी जीत के साथ ही दिव्यांग महिला क्रिकेट टीम के चैंपियन बनने को देश के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धियां बताया. प्रधानमंत्री ने कहा कि 26 जनवरी को देश अपना 77वां गणतंत्र दिवस मनाएगा और भारत अपनी विरासत और मूल्यों के साथ आगे बढ़ रहा है. मन की बात के बाद मुख्यमंत्री ने उसी स्थल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जबलपुर में मराठी स्कूल स्थापना के 100 वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित किया. उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र का रिश्ता केवल भौगोलिक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और ऐतिहासिक रूप से भी गहरा है. इस दौरान उन्होने छत्रपति शिवाजी महाराज के काल से लेकर पेशवाओं, शिंदे, गायकवाड़ और होलकर शासन तक दोनों क्षेत्रों का साझा इतिहास रहा है. मुख्यमंत्री ने 1926 में स्थापित महाराष्ट्र शिक्षण मंडल संस्था की भूमिका को याद करते हुए कहा कि इस संस्था ने पीढ़ियों के निर्माण में अहम योगदान दिया है और आज यह शताब्दी वर्ष में प्रवेश कर रही है. उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में भी शिक्षा के क्षेत्र में लगातार नवाचार किए जा रहे हैं. सांदीपनी विद्यालय और पीएम राइज स्कूलों से सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं. प्रदेश में 50 से अधिक विश्वविद्यालय संचालित हो रहे हैं, वहीं खरगोन में टंट्या भील विश्वविद्यालय, ग्वालियर में तात्या टोपे विश्वविद्यालय और रानी अवंतिबाई विश्वविद्यालय जैसे संस्थान गरीब और वंचित वर्ग के बच्चों को बेहतर शिक्षा देने में अहम भूमिका निभा रहे हैं.
