एम्स्टर्डम/केप वर्डे, 07 मई (वार्ता) घातक हंटावायरस संक्रमण की पुष्टि के बाद प्रभावित क्रूज जहाज ‘एमवी होंडियस’ से निकाले गये दो गंभीर मरीजों को इलाज के लिये नीदरलैंड पहुंचाया गया है, जबकि तीसरे संक्रमित यात्री की निकासी उड़ान में देरी हुई है।
क्रूज ऑपरेटर ओशनवाइड एक्सपीडिशंस ने बताया कि जहाज फिलहाल पश्चिम अफ्रीका के केप वर्डे द्वीपसमूह के पास तीन दिन तक रोके जाने के बाद स्पेन के कैनरी द्वीपों की ओर रवाना हो चुका है।
निकाले गये यात्रियों में एक ब्रिटिश, एक डच और एक जर्मन नागरिक शामिल हैं। ऑपरेटर के अनुसार 65 वर्षीय जर्मन यात्री उस जर्मन महिला के ‘करीबी संपर्क’ में था जिसकी दो मई को जहाज पर मौत हो गयी थी।ब्रिटिश मरीज की पहचान 56 वर्षीय पूर्व पुलिस अधिकारी मार्टिन एन्स्टी के रूप में हुई है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार उनकी हालत स्थिर है और उनका नीदरलैंड में इलाज चल रहा है। संक्रमितों में 41 वर्षीय डच क्रू सदस्य भी शामिल है।
इस बीच, डच मीडिया ने खबर दी है कि केएलएम एयरलाइंस की एक फ्लाइट अटेंडेंट को भी हंटावायरस जैसे लक्षणों के बाद एम्स्टर्डम के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बताया गया है कि वह 69 वर्षीय डच महिला के संपर्क में आयी थी, जिसे जोहान्सबर्ग से एम्स्टर्डम जाने वाली उड़ान से बीमार होने के कारण उतार दिया गया था। बाद में दक्षिण अफ्रीका में उसकी मौत हो गयी। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने भी पुष्टि की है कि जहाज से उतरकर स्विट्जरलैंड लौटे एक यात्री में हंटावायरस की पुष्टि हुई है और उसका ज्यूरिख के अस्पताल में इलाज चल रहा है।
डब्ल्यूएचओ प्रमुख टेड्रोस अधानोम घेब्रेयेसुस ने कहा कि संक्रमित यात्री ने जहाज संचालक की ओर से भेजे गये स्वास्थ्य अलर्ट ई-मेल के बाद जांच करायी थी।
फिलहाल 23 देशों के कुल 146 लोग अब भी ‘एमवी होंडियस’ पर मौजूद हैं और उन पर कड़ी एहतियाती निगरानी रखी जा रही है।
दक्षिण अफ्रीकी स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार संक्रमित मरीजों में एंडीज स्ट्रेन का हंटावायरस पाया गया है, जो मुख्य रूप से लैटिन अमेरिका में मिलता है, जहां से यह क्रूज यात्रा शुरू हुई थी।
एक महीने पहले अर्जेंटीना से रवाना हुए इस जहाज पर अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं अमेरिका के जॉर्जिया और एरिजोना राज्यों ने उन यात्रियों की निगरानी शुरू कर दी है जो पहले जहाज से उतरकर लौटे थे। अधिकारियों के अनुसार उनमें अभी कोई लक्षण नहीं दिखे हैं।
डच स्वास्थ्य एजेंसी जीजीडी ने जोहान्सबर्ग से एम्स्टर्डम गयी केएलएम उड़ान के सभी यात्रियों से संपर्क शुरू कर दिया है और उन्हें लक्षणों पर नजर रखने को कहा है। अधिकारियों के अनुसार हंटावायरस संक्रमण के लक्षण कुछ दिनों से लेकर 60 दिनों तक में सामने आ सकते हैं।
