
सौंसर। नगर पालिका परिषद एवं जनपद पंचायत के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित संकल्प से समाधान अभियान शिविरों की जमीनी हकीकत देखकर एसडीएम सिद्धार्थ पटेल ने आयोजकों और मैदानी अमले की जमकर क्लास ली। शिविरों में कामकाज के नाम पर हो रही खानापूर्ति और लापरवाही पर नाराजगी जताते हुए एसडीएम ने दो टूक कहा कि शासन की जनहितैषी योजनाओं में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
निराकरण के बजाय केवल औपचारिकता
अन्नाभाऊ साठे मंगल भवन में आयोजित शिविर के दौरान यह बात सामने आई कि पंचायत एवं क्लस्टर स्तर पर प्राप्त आवेदनों का न तो समय पर निराकरण किया गया और न ही हितग्राहियों को संतोषजनक समाधान मिला। अधिकांश मामले फाइलों में ही दबे नजर आए। एसडीएम श्री पटेल ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा,शासन की प्राथमिकता वाले इस अभियान को केवल कागजी औपचारिकता में बदलना गंभीर लापरवाही है।
लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी
निरीक्षण के दौरान एसडीएम ने मैदानी अमले को सख्त निर्देश दिए कि,प्रत्येक शिविर का वास्तविक और अद्यतन डाटा तैयार किया जाए। हर आवेदन का समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और प्रमाणिक निराकरण सुनिश्चित हो।भविष्य में आंकड़ों में गड़बड़ी या काम में ढिलाई पाए जाने पर संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
इनकी रही उपस्थिति
शिविर का शुभारंभ नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती सुरेखा इंदरचंद्र डागा के हाथों हुआ। इस अवसर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रियंक मिश्रा, खंड पंचायत निरीक्षक सुभाष ठाकरे सहित विभिन्न पंचायतों के सचिव एवं सहायक सचिव उपस्थित थे। एसडीएम ने स्पष्ट किया कि शिविर केवल रिपोर्ट भेजने के लिए नहीं, बल्कि आमजन की समस्याओं के वास्तविक समाधान का सशक्त मंच बनना चाहिए।
