
इंदौर. पुराने संगीन अपराधों की फाइलें एक बार फिर खुल गई हैं. सिमरोल क्षेत्र के दो अंधेकत्लों में पुलिस ने नई जांच शुरू की है, वहीं शहर के लसूड़िया इलाके में चाकूबाजी की ताजा वारदात ने कानून व्यवस्था पर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं. लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों के चलते पुलिस अब पुराने और नए दोनों अपराधों पर एक साथ शिकंजा कसने में जुटी है.
सिमरोल थाना क्षेत्र के भेरूघाट में तीन साल पहले हुई महिला की नृशंस हत्या का मामला एक बार फिर जांच के घेरे में है. अज्ञात बदमाशों ने महिला की गर्दन काटकर उसकी हत्या की थी और शव के टुकड़े जंगल में फेंक दिए थे. उस समय पुलिस ने कई एंगल से जांच की, गुमशुदा महिलाओं की भी पड़ताल हुई, लेकिन न तो महिला की पहचान हो सकी और न ही हत्यारों तक पहुंच बनाई जा सकी. अब बंद फाइल को दोबारा खोलकर नए सिरे से बिंदु तय किए हैं. इसी थाना क्षेत्र में खंडवा रोड पर चोखीढाणी के सामने वर्ष 2024 में एक अज्ञात युवक की हत्या कर शव को पेड़ पर फांसी के फंदे पर लटका दिया था. साक्ष्य मिटाने के लिए की गई इस वारदात में भी पुलिस को लंबे समय तक कोई ठोस सुराग नहीं मिला. हाल ही में कुछ अहम इनपुट मिलने के बाद इस मामले में भी जांच दोबारा शुरू की गई है. पुलिस को आशंका है कि युवक के करीबी लोग ही इस हत्याकांड में शामिल हो सकते हैं. देहात एसपी यंग चीन डोलकर के मुताबिक, दोनों अंधेकत्ल मामलों में आरोपियों की जानकारी देने वालों पर दस-दस हजार रुपए का इनाम घोषित किया है. परिजनों और संदिग्धों से फिर से पूछताछ की जाएगी और पुराने दस्तावेज व साक्ष्य भी खंगाले जा रहे हैं. उधर, लसूड़िया थाना क्षेत्र में चाकूबाजी की ताजा घटना ने पुलिस की परेशानी बढ़ा दी है. मांगलिया के इंदिरा नगर इलाके में उधारी के रुपए मांगने पर दो युवकों ने एक युवक के साथ मारपीट की और चाकू से हमला कर उसे घायल कर दिया. वारदात के बाद आरोपी जान से मारने की धमकी देकर फरार हो गए. लसूड़िया पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है. अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों की तलाश की जा रही है और इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं. पुराने अंधेकत्लों की दोबारा जांच और शहर में हो रही ताजा चाकूबाजी की घटनाओं ने साफ कर दिया है कि अपराधियों पर शिकंजा कसना पुलिस के लिए अब भी बड़ी चुनौती बना हुआ है.
