अवैध हथियार निर्माण व बिक्री मामले में 7 आरोपी दोषी, 10 वर्ष तक का कारावास

दमोह। न्यायाधीश पंकज कुमार वर्मा ने अवैध हथियार बनाने व उनकी बिक्री के मामले में आरोपियों को दोषी ठहराते हुए कठोर दंड सुनाया है. इस प्रकरण में मप्र शासन की ओर से पैरवी शासकीय अभिभाषक राजीव बद्री सिंह ठाकुर द्वारा की गई.

मामले के अनुसार, दिनांक 2 जनवरी 2025 को थाना कोतवाली में पदस्थ एएसआई राकेश पाठक को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि चैनपुरा मोहल्ले में तीन व्यक्ति बोरी में अवैध हथियार लेकर उन्हें बेचने की फिराक में बैठे हैं.सूचना के आधार पर एएसआई राकेश पाठक ने पुलिस टीम गठित कर मौके पर दबिश दी, जहां तीन संदिग्ध व्यक्ति बोरी के साथ पाए गए.पुलिस द्वारा तलाशी लेने पर बोरी से 10 देसी कट्टे व 2 पिस्टल बरामद किए गए. पूछताछ में आरोपियों ने अपने नाम भूरा उर्फ रजनीकांत विश्वकर्मा (23), भारतभूषण बंसल (39) व परमसुख रैकवार (60) बताए. उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि वे इन हथियारों को सोहेल खान, समीर खान, रितिक राज एवं दुर्गा पटेल को बेचते थे, जो आगे अन्य लोगों को सप्लाई करते थे.जांच के दौरान यह भी सामने आया कि अवैध हथियारों का निर्माण भारतभूषण बंसल के घर में संचालित एक अवैध कारखाने में किया जा रहा था.पुलिस ने वहां छापा मारकर बड़ी मात्रा में तैयार एवं अधबने हथियार तथा निर्माण सामग्री जब्त की.

पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया. विचारण के दौरान अभियोजन पक्ष ने 12 साक्षियों को प्रस्तुत किया. साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने आरोप सिद्ध मानते हुए भूरा उर्फ रजनीकांत विश्वकर्मा, भारतभूषण बंसल व परमसुख रैकवार को आर्म्स एक्ट के तहत दोषी ठहराते हुए 10-10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई.

वहीं सह-आरोपी सोहेल खान, समीर खान, रितिक राज एवं दुर्गा पटेल को ढाई-ढाई वर्ष के सश्रम कारावास एवं कुल 29,000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया.

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