ब्यावरा: शासन द्वारा शिक्षा पर जोर देते हुए लाखों, करोड़ों रुपये की लागत से विशालकाय बिल्डिंग निर्माण, सुविधाजनक बैठक व्यवस्था सहित अन्य सुविधाएं प्रदान की जा रही है ताकि शिक्षा के स्तर में सुधार होकर अधिकाधिक बच्चे स्कूलों तक पहुंचकर शिक्षा ग्रहण कर सके किंतु कई जगह धरातल पर हालात चिंताजनक है, नगर के राजगढ़ रोड पर शासकीय बालक उमावि (बड़ास्कूल) कुछ ही कमरों में संचालित हो पा रहा है.
यहां भवन के अभाव के बीच टॉयलेट की दुर्गति का सामना भी विद्यार्थियों को करना पड़ रहा है. जबकि यह नगर की सबसे पुरानी शैक्षणिक संस्था है.विदित है कि शासन द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ी राशि खर्च की जा रही है, फिर भी कुछ जगह पर भवन, स्टॉफ सहित मूलभूत सुविधाओं का अभाव बच्चों की शिक्षा में बाधक बन रहा है. स्थानीय राजगढ़ रोड पर शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक नगर का सबसे पुराना स्कूल है.
भवन, स्टॉफ सहित मूलभूत सुविधाओं का अभाव बच्चों की शिक्षा में बाधक बन रहा है. स्थानीय राजगढ़ रोड पर शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक नगर का सबसे पुराना स्कूल है.पुराना भवन जर्जर, कुछ कमरे में चल रहा स्कूल बड़े स्कूल के नाम से विख्यात शा. उमावि का पुराना भवन काफी जीर्णशीर्ण अवस्था में होने के बाद इसमें कक्षाओं का संचालन बंद कर दिया गया तथा समीप बने कुछ अतिरिक्त कक्षों में ही समूचा स्कूल चलाया जा रहा है. इन्हीं में बीईओ ऑफिस भी संचालित है.
दो शिफ्ट में लग रहा स्कूल कमरों की कमी के कारण यहां दो शिफ्ट में स्कूल संचालित किया जा रहा है. सुबह 7.30 से दोपहर 12 एवं 12 से शाम 5 बजे तक कक्षाएं लग रही है. यहां स्टॉफ तो पर्याप्त है, जिन विषयों के शिक्षक नहीं है उनकी जगह अतिथि शिक्षकों को रखा गया है. हालांकि अंग्रेजी विषय का यहां स्थाई शिक्षक नहीं है.
टॉयलेट हो रही चोक स्कूल में बड़ी संख्या में विद्यार्थी अध्ययनरत् है. किंतु यहां पर स्थित टॉयलेट काफी समय से चोक है.
ऐसे हालात में टॉयलेट का उपयोग भी छात्र नहीं कर पाते है. टॉयलेट की दुर्गति के कारण छात्रों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है.अतिरिक्त कक्ष के लिए दे चुके पत्र शाला में अतिरिक्त कक्ष के निर्माण हेतु ब्लॉक शिक्षा विभाग द्वारा वरिष्ठ कार्यालय को पत्र लिखकर अवगत कराया जा चुका है. साथ ही स्कूल को हायर सेकेण्डरी में उन्नयन की मांग भी की जा रही है ताकि इसका लाभ विद्यार्थियों को मिल सके
