इंदौर: आईडीए द्वारा निर्माणाधीन बाणगंगा डबल डेकर ब्रिज पर बो स्ट्रींग गर्डर कल से लैंस की जाएगी. उक्त बो स्ट्रींग गर्डर ब्रिज और मेट्रो रेल की सुरक्षा के लिए लगाई जा रही है. खास बात यह है कि उक्त बो स्ट्रींग गर्डर ब्रिज की लागत निर्माण ठेके में ही शामिल है.आईडीए द्वारा 147 करोड़ की लागत से बाणगंगा डबल डेकर ब्रिज बनाया जा रहा है. उक्त ब्रिज के पूरा होने की समय सीमा 31 मार्च 2026 निर्धारित की गई है.
लव कुश चौराहे पर आईडीए बाणगंगा से उज्जैन रोड पर डेढ़ किलोमीटर लंबा ब्रिज बना रहा है. यह शहर का पहला डबल डेकर ब्रिज है, जिसमें नीचे से मेट्रो और मेट्रो के नीचे से आईडीए का एमआर 10 सड़क से सुपर कॉरिडोर जाने वाला ब्रिज है. उक्त पुल में मेट्रो की तर्ज पर गर्डर पर सिग्मेंट डालने का काम किया जा जा रहा है. एक पिलर पर सेगमेंट डालने का काम हो चुका है. बताया जाता है कि एक किलोमीटर लंबे स्पॉन में सेगमेंट डाले जाएंगे. बाकी 485 मीटर लंबे दोनों तरफ पुल के सिरे जुड़ेंगे.
डबल डेकर की ऊंचाई मैट्रो रेल से भी 7 मीटर ऊंची है. कुल ऊंचाई 23 मीटर यानी करीब 75 फीट है. इस ब्रिज में 40-40 मीटर के दो और 60 मीटर का स्टील गर्डर स्पॉन है. मेट्रो में 9 मीटर के सिंगमेंट लगते है, लेकिन डबल डेकर ब्रिज में 27 मीटर चौड़े सेगमेन्ट लगा रहा है. उक्त डबल डेकर ब्रिज पर बो स्ट्रींग गर्डर कल से लांच की जाएगी. मेट्रो रेल लाइन के दोनों ओर बो स्ट्रींग गर्डर के लिए स्टैंड तैयार हो चुके है. उक्त बो स्ट्रींग गर्डर ब्रिज पर दो अलग अलग हिस्सों में 65 मीटर बाय 12 मीटर की लगेगी. गर्डर की कुल चौड़ाई 24 मीटर है.
मार्च 2026 से आवागमन शुरू होने की संभावना
आईडीए लवकुश चौराहे पर 24 मीटर चौड़ा 6 लेन ब्रिज का निर्माण कर रहा है. उक्त ब्रिज का निर्माण कार्य दिसंबर में पूरा होने की संभावना बताई गई थी, लेकिन अब आईडीए के सूत्रों के अनुसार डबल डेकर ब्रिज से आवागमन 2026 मार्च में शुरू होने की संभावना है. ब्रिज का निर्माण अहमदाबाद की विजय मिस्त्री कंस्ट्रक्शन कंपनी कर रही है.
