अटल की 101वीं जयंती पर प्रमुख राजनीतिक हस्तियों ने दी श्रद्धांजलि , विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन

नयी दिल्ली (वार्ता) पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जयंती पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, उपराष्ट्रपति सी पी राधाकृष्णन और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उन्हें स्मरण किया तथा श्रद्धांजलि दी।
इस मौके पर राष्ट्रीय राजधानी समेत कई राज्यों में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया ।
श्री वाजपेयी का जन्म 1924 में ग्वालियर (मध्यप्रदेश) में हुआ और उनका निधन 16 अगस्त 2018 को नयी दिल्ली में हुआ। सरकार उनकी जयंती को सुशासन दिवस के रूप में मनाती है।
सुश्री मुर्मु श्री राधाकृष्णन और श्री मोदी ने दिल्ली में ‘सदैव अटल’स्मारक पर श्री वाजपेयी को पुष्पांजलि अर्पित की। पूर्व उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा, भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, कई केंद्रीय मंत्रियों, सांसदों और विधायकों ने भी स्वर्गीय प्रधानमंत्री को पुष्पांजलि अर्पित की।
श्री मोदी ने सोशल मीडिया एक्स पर अपने संदेश में कहा, “वाजपेयी जी का व्यक्तित्व, कार्य और नेतृत्व राष्ट्र के सर्वांगीण विकास के लिए हमेशा मार्गदर्शक रहेंगे। ‘एक प्रखर वक्ता के साथ-साथ ओजस्वी कवि के रूप में भी वह सदैव स्मरणीय रहेंगे। उनका व्यक्तित्व, कृतित्व और नेतृत्व देश के चहुंमुखी विकास के लिए पथ-प्रदर्शक बना रहेगा।”
प्रधानमंत्री ने पूर्व प्रधानमंत्री की 101वीं जयंती के अवसर पर उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आयेाजित भव्य समारोह में ‘राष्ट्र प्रेरणा स्थल’ का लोकार्पण किया और परिसर में स्थापित तीन महान विभूतियों की प्रतिमाओं का अनावरण किया। राष्ट्र प्रेरणा स्थल पर भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी, पंडित दीन दयाल उपाध्याय और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की भव्य प्रतिमाएं स्थापित की गयीं हैं। प्रेरणा स्थल करीब 230 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया है और यह 65 एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है। यह परिसर राष्ट्र सेवा, नेतृत्व मूल्यों, सांस्कृतिक चेतना और जन प्रेरणा को बढ़ावा देने वाली एक स्थायी राष्ट्रीय धरोहर के रूप में विकसित किया गया है। परिसर की प्रमुख विशेषता डॉ. मुखर्जी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय और श्री वाजपेयी की 65 फुट ऊंची कांस्य प्रतिमाएं हैं। परिसर में लगभग 98 हजार वर्ग फुट क्षेत्रफल में फैला कमल के आकार का अत्याधुनिक संग्रहालय भी स्थापित किया गया है। यह संग्रहालय उन्नत डिजिटल तकनीकों के माध्यम से देश की राष्ट्रीय यात्रा और नेतृत्व की विरासत को प्रदर्शित करता है, जिससे आगंतुकों को एक संवादात्मक और शैक्षणिक अनुभव प्राप्त होगा।
उपराष्ट्रपति सी पी राधाकृष्णन ने एक्स पर कहा , “अटल बिहारी वाजपेयी राजनेता, कवि और एकीकरण के प्रतीक थे। उनके शब्दों ने राष्ट्र को प्रेरित किया और दृष्टि ने भविष्य को दिशा दी। संवाद, गरिमा और समर्पण से समाज परिवर्तन की सीख अटलजी की अमिट विरासत है।”
दिल्ली सरकार राष्ट्रीय राजधानी के निवासियों को किफायती, स्वच्छ और पौष्टिक भोजन देने के मकसद से एक बड़ी जन कल्याणकारी पहल के तौर पर ‘अटल कैंटीन’ योजना शुरू करने जा रही है। इस योजना के तहत लोग सिर्फ पांच रुपये की मामूली कीमत पर पौष्टिक भोजन का लाभ उठा सकेंगे। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता लाजपत नगर में अटल कैंटीन का उद्घाटन करेंगी, जिसके साथ ही पूरे शहर में इस योजना की शुरुआत हो जाएगी। इसके साथ ही दिल्ली सरकार के मंत्री और संसद सदस्य भी अपने-अपने संसदीय क्षेत्रों में अटल कैंटीन खोलेंगे, जिससे पूरे दिल्ली में एक साथ यह योजना शुरू हो सकेगी। पहले चरण में, यह योजना 25 दिसंबर से शुरू होकर शहर भर में 100 जगहों को समाहित करेगी।
दिल्ली सरकार ने श्री वाजपेयी की 101वीं जयंती के मौके पर आज भारत मंडपम में राष्ट्रीय कवि सम्मेलन का आयोजन किया , जिसमें उनकी साहित्यिक विरासत और भारतीय कविता में उनके योगदान को याद किया गया।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) मुख्यालय में पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन ने गुरुवार को भारत रत्न से सम्मानित पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर उनके व्यक्तित्व और कृतित्व को समर्पित प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। इस अवसर पर श्री नबीन ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान किया। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री के जीवन, उनकी नीतियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उन्होंने देश में विकास एवं सुशासन के एक नए युग की नींव रखी थी। उन्होंने कहा कि अटल उस चेतना के प्रतीक थे, जिसने लोकतंत्र को शोर नहीं बल्कि संवाद की संस्कृति सिखाई। श्री नबीन कहा कि उनका जनसेवा और राष्ट्र के सर्वांगीण विकास के प्रति समर्पित जीवन हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत है।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज राजधानी लखनऊ में लोक भवन परिसर में स्थित उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा , “अटल जी का विराट व्यक्तित्व और कृतित्व आज भी देशवासियों के लिए प्रेरणास्रोत है।यह उत्तर प्रदेश के लिए सौभाग्य की बात है कि भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की पैतृक भूमि यह प्रदेश है। लखनऊ में उनके सम्मान में राष्ट्र प्रेरणा स्थल का निर्माण किया गया है, जो आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रसेवा की प्रेरणा देता रहेगा। अटल जी की स्मृतियों को जीवंत रखना हम सभी का दायित्व है। लखनऊ से उनका विशेष लगाव रहा और उन्होंने लोकसभा में उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व करते हुए देश को नयी दिशा दी।”
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में श्री वाजपेयी की 101वीं जयंती पर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की। श्री साय ने कहा, “अटलजी का संपूर्ण जीवन राष्ट्रहित के लिए समर्पित रहा। लोकतांत्रिक मूल्यों के संरक्षण, सुशासन की स्थापना और जनकल्याण के व्यापक दृष्टिकोण के कारण वे देशवासियों के हृदय में सदैव अमर रहेंगे। वे केवल महान राजनेता ही नहीं, बल्कि संवेदनशील कवि, दूरदर्शी राजनेता और करुणा से भरे जननायक थे, जिन्होंने राजनीति को जनसेवा का सशक्त माध्यम बनाया।”
इस अवसर पर श्री साय ने राज्य के रायगढ़ शहर के सर्किट हाउस क्षेत्र में नवनिर्मित अटल परिसर का वर्चुअल माध्यम से लोकार्पण किया। सर्किट हाउस क्षेत्र में लगभग 50 लाख रुपये की लागत से अटल परिसर का निर्माण कराया गया है। परिसर को अत्यंत सुसज्जित एवं सुव्यवस्थित रूप में विकसित किया गया है। इसमें आधुनिक लाइटिंग व्यवस्था, आकर्षक गार्डन, बैठने की सुविधाएं एवं सुंदर साज-सज्जा की गई है, जिससे यह शहरवासियों के लिए एक बेहतर सार्वजनिक स्थल के रूप में विकसित हो सके। इसी के साथ ही पूरे प्रदेश में कुल 115 अटल परिसरों का लोकार्पण किया गया।
पंजाब में श्री वाजपेयी की जयंती के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने चंडीगढ़ स्थित पार्टी कार्यालय में पुष्पांजलि अर्पित की गयी। पंजाब प्रदेश भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष अश्वनी शर्मा ने कहा , ” श्री वाजपेयी ने राजनीति में सिद्धांतों और आदर्शों की ऐसी मिसाल कायम की, जो आज भी उतनी ही प्रासंगिक है, जितनी अपने समय में थी। उन्होंने उस दौर में, जब जोड़-तोड़, खरीद-फरोख्त और सत्ता के लिए समझौतों की राजनीति आम हो रही थी, तब भी उन्होंने अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया। अटल जी सिर्फ़ भाजपा के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे देश के नागरिकों के लिए आदर्श पुरुष हैं। भाजपा के शुरुआती दौर में जब पार्टी को केवल दो सीटें मिली थीं और निराशा का माहौल बन गया था, तब भी अटल जी ने पार्टी कार्यकर्ताओं का हौसला बढ़ाया। मुंबई में दिये गये अपने ऐतिहासिक भाषण में अटल जी ने कहा था, “अंधेरा छटेगा, सूरज निकलेगा, कमल खिलेगा”और आज भाजपा दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी बन चुकी है।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने शिविर कार्यालय में पूर्व प्रधानमंत्री के चित्र पर श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए नमन किया। श्री धामी ने कहा, “वाजपेयी जी कुशल प्रशासक, ओजस्वी वक्ता तथा दूरदृष्टा नेता थे, जिन्होंने राष्ट्र निर्माण को नयी दिशा प्रदान की। उनका संपूर्ण जीवन सुशासन, संवेदनशीलता एवं सर्वसमावेशी विकास के प्रति समर्पित रहा। उन्होंने राजनीति को जनसेवा का माध्यम बनाकर लोकहित को सर्वोपरि रखा।”
तेलंगाना प्रदेश भाजपा ने पूर्व प्रधानमंत्री की 101वीं जयंती को सुशासन दिवस (गुड गवर्नेंस डे) के रूप में मनाते हुए कई कार्यक्रमों का आयोजन किया। तेलंगाना प्रदेश भाजपा अध्यक्ष एन रामचंदर राव ने राज्य कार्यालय में आयोजित समारोह में श्री वाजपेयी के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने पूर्व प्रधानमंत्री की 101वीं जयंती के अवसर पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा , “श्री वाजपेयी ने भारत की आंतरिक शक्ति को जगाया और वैश्विक मंच पर भारतीयों के बीच आत्म-सम्मान की भावना पैदा की। उन्होंने सुशासन और आर्थिक विकास को प्राथमिकता दी। उनका प्रभाव सार्वभौमिक था। उनके प्रशासनिक सुधारों और पारदर्शिता, जवाबदेही तथा कुशल एवं नागरिक-केंद्रित सेवा वितरण पर ध्यान केंद्रित करने से समावेशी और तीव्र विकास सुनिश्चित हुआ।”
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राजधानी पटना में आयोजित राजकीय जयंती समारोह में यहां पाटलिपुत्रा पार्क, स्थित श्री वाजपेयी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

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