
जितेंद्र पुरोहित देवास। हनीट्रैप और ब्लैकमेलिंग के एक चर्चित मामले में लंबे समय से फरार चल रही आरोपी महिला परिधि नामदेव को नाहर दरवाजा थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी न्यायालय में आत्मसमर्पण करने जा रही थी, लेकिन इससे पहले ही पुलिस को इसकी सूचना मिल गई और टीम ने उसे रास्ते में ही धरदबोचा।
पुलिस आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे 28 दिसंबर तक पुलिस रिमांड पर सौंप दिया गया है। इस दौरान उससे मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं को लेकर गहन पूछताछ की जा रही है।
ड्राइवर से नजदीकी बढ़ाकर ब्लैकमेलिंग का आरोप
पुलिस के अनुसार, ग्राम राजौदा निवासी भावेश पिता राजेंद्र सिंह ठाकुर ने नाहर दरवाजा थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। भावेश का कहना है कि वह परिधि नामदेव के यहां ड्राइवर के रूप में कार्य करता था। इसी दौरान आरोपी को यह जानकारी मिली कि भावेश के पास भोपाल रोड स्थित ग्राम जेतपुरा के समीप कीमती जमीन है।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि इसके बाद आरोपी ने उससे नजदीकियां बढ़ाईं और बाद में जमीन पर कॉलोनी विकसित करने का दबाव बनाया। मना करने पर अश्लील बातचीत और कथित वीडियो के माध्यम से ब्लैकमेल कर 50 लाख रुपये और जमीन में आधा हिस्सा देने की मांग की गई।
अपहरण के प्रयास का भी आरोप
शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि आरोपी ने अपने कुछ साथियों के साथ मिलकर उसका अपहरण करने का प्रयास किया। समय रहते जानकारी मिलने पर भावेश के पिता ने पुलिस से संपर्क किया, जिससे एक बड़ी घटना टल गई। पुलिस ने मामले की जांच के बाद भारतीय न्याय संहिता की धारा 308(6) सहित अन्य धाराओं में प्रकरण दर्ज किया था।
पूर्व में भी दर्ज हो चुके हैं मामले
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी महिला पूर्व में भी इसी तरह के मामलों में संलिप्त रही है। वर्ष 2020 में देवास की एक कॉलोनी से जुड़े एक इंजीनियर के खिलाफ गंभीर आरोप लगाकर प्रकरण दर्ज कराया गया था, जिसमें बाद में समझौते की बात सामने आई थी। वहीं वर्ष 2022 में एक कॉलोनाइजर के खिलाफ दर्ज हनीट्रैप का मामला वर्तमान में न्यायालय में विचाराधीन है।
पूछताछ में और खुलासों की उम्मीद
नाहर दरवाजा थाना प्रभारी मंजू यादव ने बताया कि आरोपी से पूछताछ जारी है। उसके नेटवर्क, सहयोगियों और पूर्व मामलों से जुड़े तथ्यों की गहन जांच की जा रही है। पुलिस को पूछताछ के दौरान मामले से जुड़े और अहम खुलासे होने की उम्मीद है।
