वॉशिंगटन | अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते को लेकर चल रही गहन चर्चाओं के बीच, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस के सिचुएशन रूम में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक को बिना किसी घोषणा के समाप्त कर दिया। लगभग दो घंटे तक चली इस बैठक में ईरान के परमाणु कार्यक्रम और भविष्य के संभावित समझौते पर ‘अंतिम निर्णय’ लेने का प्रयास किया गया था, लेकिन कोई ठोस नतीजा नहीं निकल सका।
बैठक के बाद व्हाइट हाउस ने स्पष्ट किया कि ईरान के साथ कोई भी समझौता तभी संभव होगा, जब वह पूरी तरह से अमेरिकी हितों और राष्ट्रपति द्वारा निर्धारित कठोर शर्तों का पालन करे। ट्रंप प्रशासन ने साफ संकेत दिए हैं कि ईरान के परमाणु हथियार बनाने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बैठक का मुख्य उद्देश्य ईरान की यूरेनियम संवर्धन गतिविधियों को सीमित करना और उन्हें नष्ट करने के लिए ठोस कार्ययोजना बनाना था।
दूसरी ओर, ईरान ने किसी भी बाहरी दबाव में झुकने से इनकार कर दिया है। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उनका देश अपने हितों और अधिकारों के आधार पर निर्णय लेने में स्वतंत्र है। ईरानी नेतृत्व ने पश्चिमी देशों की ‘जरूरी’ वाली भाषा को खारिज करते हुए अपनी संप्रभुता पर जोर दिया है। इस कूटनीतिक गतिरोध ने मध्य पूर्व में जारी तनाव को एक बार फिर से बढ़ा दिया है।

