सतना:राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत सतना औरी मैहर जिले में 10-20 दिसंबर तक ट्रांसमिशन असेसमेंट सर्वे-3 चलाया गया. इस दौरान कुल 3 हजार 641 बच्चों की जांच की गई. जिसमें से 8 बच्चे पाऊजिटिव पाए गए. यह आंकड़ा इसलिए भी राहत भरा नजर आया क्योंकि केंद्र-राज्य स्तर पर निर्धारित क्रिटिकल कटऑफ की संख्या 36 मानी जाती है.
राज्य समन्वयक एनटीडी डब्लूएचओ एमपी डॉ. देवेंद्र सिंह तोमर ने जानकारी देते हुए बताया कि राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत सतना और मैहर जिले के कुल 9 ब्लॉक में ट्रांसमिशन असेसमेंट सर्वे-3 के कार्य को 10 दिनों में सफलता पूर्वक पूरा कर लिया गया. लिम्फैटिक फाइलेरियासिस यानी हाथीपांव के उन्मूलन की दिशा में किए गए इस सर्वे में सतना और मैहर के कुल 266 प्राथमिक विद्यालयों को शामिल किया गया था.
जिसके आधार पर कुल 4 हजार 299 छात्रों की जांच का लक्ष्य निर्धारित किया गया था. लेकिन इसके बावजूद भी कुल 3 हजार 641 छात्रों की जांच की गई. इस जांच में जहां कुल 3 हजार 633 बच्चे निगेटिव पाए गए. वहीं कुल 8 बच्चे ऐसे रहे जिनकी जांच रिपोर्ट पॉजिटिव पाई गई. पॉजिटिव पाए गए बच्चों के रोग के नियंत्रण एवं रोकथाम से संबंधित कार्रवाई शुरु कर दी गई है.
जिससे बच्चों में फाइलेरिया संक्रमण को आगे बढऩे से रोकने में सहायता मिलेगी. डॉ. सिंह के अनुसार जिले के लिए केंद्र अथवा राज्य स्तर से निर्धारित क्रिटिकल कटऑफ का आंकड़ा 36 है. इस लिहाज से सतना मैहर में पाए गए कुल 8 पॉजिटिव प्रकरण काफी कम हैं. लिहाजा निर्धारित कटऑफ से कम पॉजिटिव प्रकरण पाए जाने पर डब्लूएचओ प्राधिकारी द्वारा सतना-मैहर जिले को फाइलेरिया मुक्त घोषित किया जाएगा.
