
भोपाल। पुलिस कमिश्नर हरिनारायणाचारी मिश्र ने पतंगबाजी में चायना के धागे के उपयोग को प्रतिबंधित करने का आदेश जारी किया है. जारी आदेशानुसार चायना के धागे के उपयोग से पक्षियों और जन-सामान्य को हानि पहुँच रही है. कई बार मांझे से पतंग उड़ाते समय पक्षी इसमें उलझ कर फंस जाते हैं और घायल हो जाते हैं, और कई बार तो पक्षियों की मृत्यु तक हो जाती है. इस धागे से पतंगबाजी के दौरान रोड पर चलने वाले राहगीर व दो पहिया वाहन चालक भी कई बार घायल हो जाते है. इन धागों की मजबूती और उस पर चिपका काँच का चूरा इन हादसों का कारण है व इस धागे का उपयोग पतंगबाजी में किये जाने से पशु-पक्षियों व जन-सामान्य के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है. निकट भविष्य में आने वाले त्यौहारों पर बड़ी संख्या में पतंगबाजी की जा सकती है. इस प्रकार खतरनाक चायनीज माझे का पतंगबाजी में उपयोग की गतिविधियों पर रोकथाम की दृष्टि से इसके उपयोग से प्रतिबंधित किये जाने की तत्काल आवश्यकता प्रतीत हो रही है.
अतः भोपाल नगर (मेट्रोपोलिटन) की सीमा में चायना धागे का पतंगबाजी में उपयोग करने से कानून एवं व्यवस्था तथा जन-सामान्य के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभाव की स्थिति को रोकने व आमजन के जान-माल को आसन्न खतरा उत्पन्न होने की स्थिति को रोकने हेतु चायना धागे के पतंगबाजी में उपयोग, विक्रय एवं भण्डारण को प्रतिबंधित किया जाता है.
चूंकि उक्त आदेश को जन-साधारण की सुविधा के सुनिश्चित पालन हेतु तत्काल प्रभावशील किया जाना आवश्यक हो गया है. समयाभाव के कारण यह आदेश भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 (2) के अंतर्गत एक पक्षीय रूप से पारित किया जा रहा है. फिर भी यदि कोई भी व्यक्ति संस्था या पक्ष इस आदेश में कोई छूट या शिथिलता चाहे तो उसे अद्योहस्ताक्षरकर्ता के सम्मुख विधिवत् आवेदन करने का अधिकार होगा. जिस पर सम्यक सुनवाई एवं विचारोपरांत समुचित आदेश पारित किये जायेंगे.
यह आदेश तत्काल प्रभावी होगा और यदि बीच में वापस न लिया गया तो, आगामी दो माह तक लागू रहेगा. इस आदेश अथवा इस आदेश के किसी अंश का उल्लंघन करना यथास्थिति अन्य अधिनियमों के साथ भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 के अंतर्गत दण्डनीय अपराध है.
