कोहली के विजय हज़ारे ट्रॉफ़ी मैच में दर्शकों के जुड़ने की संभावना बहुत कम

बेंगलुरु, 23 दिसंबर (वार्ता) बुधवार को बेंगलुरु के प्रशंसकों को विराट कोहली को विजय हज़ारे ट्रॉफ़ी मैच में देखने का मौक़ा नहीं मिलेगा। कर्नाटक सरकार, केएससीए को दर्शकों के बिना मैच कराने का आदेश जारी करने जा रही है। केएससीए ने पहले आम जनता के लिए दो स्टैंड खोलने की संभावना जताई थी, जिनमें पूरी क्षमता पर 2000 से 3000 दर्शक बैठ सकते थे। लेकिन सरकार ने “संभावित सुरक्षा और अनुपालन से जुड़े मुद्दों” का हवाला देते हुए इस प्रस्ताव का कड़ा विरोध किया। ईएसपीएन क्रिकइंफो को मिली जानकारी के अनुसार, राज्य सरकार छुट्टियों के मौसम में मैदान के आसपास अव्यवस्था से बचना चाहती है। ऋषभ पंत और कोहली की पहले दो मैचों में उपलब्धता के कारण केएससीए को मैच को अलूर से चिन्नास्वामी स्थानांतरित करना पड़ा था, ताकि लॉजिस्टिक समस्याओं से बचा जा सके। केएससीए के अनुरोध के बाद, कर्नाटक सरकार द्वारा गठित एक समिति ने सोमवार को स्टेडियम का निरीक्षण किया। इसमें पुलिस, लोक निर्माण विभाग और अग्नि सुरक्षा विभाग के अधिकारी शामिल थे। हालांकि इस समिति की औपचारिक रिपोर्ट मंगलवार को आने की उम्मीद है, लेकिन जानकारों का मानना है कि जी परमेश्वर के नेतृत्व में गृह विभाग द्वारा सौंपी गई रिपोर्ट “सिर्फ़ वही पुष्टि करेगी, जिसकी पहले से अटकलें लगाई जा रही थीं।”
कोहली और पंत सोमवार देर रात बेंगलुरु पहुंचे। उनके मंगलवार को दिल्ली टीम के साथ अभ्यास करने की उम्मीद है। यह 4 जून को हुई दुखद भगदड़ के बाद चिन्नास्वामी स्टेडियम में कोहली का पहला मैच होगा, जब रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की जीत के जश्न के दौरान 11 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि कई लोग घायल हो गए थे। इसके बाद से यह मैदान शीर्ष स्तर की क्रिकेट के लिए लगभग प्रतिबंधित रहा और बीसीसीआई को महिला विश्व कप फ़ाइनल सहित पांच मैचों को दूसरे स्थानों पर स्थानांतरित करना पड़ा था।

इस महीने की शुरुआत में वेंकटेश प्रसाद के केएससीए अध्यक्ष बनने के बाद से स्टेडियम के भविष्य को लेकर तेज गतिविधियां देखने को मिली हैं। सरकार के अधिकारियों के साथ कई बैठकें हुई हैं, जिनमें आईपीएल सहित शीर्ष स्तर की क्रिकेट को वापस लाने की संभावना पर चर्चा हुई है। हालांकि इसमें यह भी शर्त है कि जस्टिस जॉन माइकल डी’कुन्हा की रिपोर्ट में उठाए गए मुद्दों का समाधान किया जाए, जिसने इस स्थल को बड़े आयोजनों के लिए “बेहद असुरक्षित” बताया था।
उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार उन लोगों में शामिल रहे हैं, जो इस ऐतिहासिक मैदान में क्रिकेट की वापसी के पक्ष में खुलकर बोले हैं, ताकि “बेंगलुरु का गौरव बहाल” किया जा सके। शहर में अन्य कुछ मैच अलूर स्थित केएससीए परिसर में खेले जाएंगे, जहां तीन मैदान मौजूद हैं।

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