कैनबरा, 22 दिसंबर (वार्ता) ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज ने नफरती भाषण से निपटने के लिए नया कानून बनाने का वादा करते हुए बॉन्डी बीच पर यहूदियों पर की गयी सामूहिक गोलीबारी के बाद देश के यहूदी समुदाय से माफी मांगी है। श्री अल्बानीज ने कैनबरा में सोमवार दोपहर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि वे सिडनी के बॉन्डी बीच पर यहूदी त्योहार हनुक्का के आयोजन में 15 लोगों की गोलीबारी से मौत के लिए “जिम्मेदारी का बोझ” महसूस करते हैं। उन्होंने कहा, “मैं यहूदी समुदाय और पूरे देश ने जो अनुभव किया है, उसके लिए खेद व्यक्त करता हूं।” उन्होंने कहा कि उनकी सरकार यहूदी ऑस्ट्रेलियाई लोगों की रक्षा के लिए “हर दिन” काम करेगी और हमले के लिए जिम्मेदार इस्लामिक स्टेट से प्रेरित आतंकवादियों को ऑस्ट्रेलियाई समाज को बांटने के मंसूबों में कामयाब नहींं होने देगी।
श्री अल्बानीज ने कहा कि हमले के बाद कैबिनेट ने सोमवार को दूसरी बार बैठक की और नफरतपूर्ण भाषण और उसके परिणामों से निपटने के लिए बनाये विधायी पैकेज को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई।
नफरती भाषण प्रतिबंध वाले नये कानून जो 2026 में संसद में पेश किए जाएंगे, वे मौजूदा आपराधिक दंड को बढ़ाएंगे, अपराधों की सजा निर्धारित करने में नफरत की प्रेरणा को एक कारक मानेंगे और गृह मंत्रालय को हिंसा को बढ़ावा देने वाले नफरती भाषणों से जुड़े व्यक्ति या नफरत के प्रतीकों को प्रदर्शित करने वाले व्यक्ति का वीजा रद्द करने की शक्ति प्रदान करेंगे। इसके अलावा ऐसे वयस्कों के लिए एक नया गंभीर आपराधिक मामला शुरू किया जाएगा जो बच्चों को प्रभावित करने और उन्हें कट्टरपंथी बनाने की कोशिश करते हैं। एटॉर्नी-जनरल मिशेल रोलैंड ने कहा कि 2001 के बाद से ऑस्ट्रेलिया में आतंकवाद के अपराधों के लिए दोषी ठहराये गये 120 लोगों में से 10 बच्चे थे, लेकिन वर्तमान में अदालतों के सामने आतंकवाद के आरोपों का सामना कर रहे 33 लोगों में से 17 नाबालिग हैं। उन्होंने कहा, “हमारे युवाओं का यह अभूतपूर्व कट्टरपंथीकरण रुकना चाहिए। हम चरमपंथियों को हमारे बच्चों को नफरत या आतंकवाद में ब्रेनवॉश करने की अनुमति नहीं देंगे।” श्री अल्बानीज ने कहा कि सरकार नए कानूनों पर संघीय संसद में परामर्श करेगी ताकि उनकी तात्कालता और एकता सुनिश्चित हो सके।

