बैतूल: जिले के स्वास्थ्य सुविधाओं के इतिहास में जिले वासियों को सबसे बड़ी सुविधा के रूप में बहुप्रतिक्षित मेडिकल कालेज की सौगात मिलेगी। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा एवं प्रदेश के मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव मेडिकल कालेज की आधारशिला रखेगें। जिसको लेकर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक हेमंत खंडेलवाल ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए बताया कि बैतूल जैसे आदिवासी जिले में मेडिकल कॉलेज खुलना एक बड़ी सौगात है। मेडिकल कॉलेज खुलने से स्वास्थ्य सेवाओं को और गति मिलेगी। खास बात यह है कि जटिल बीमारियों का बैतूल में ही आधुनिक तकनीक और किफायती दर पर उपचार हो जाएगा।
मेडिकल कॉलेज में गरीब लोगों को निःशुल्क उपचार की सुविधा मिलेगी। आने वाले तीन सालों के भीतर कॉलेज बनकर तैयार हो जाएगा। इस कॉलेज का संचालन पीपीपी मोड पर होगा।इस कॉलेज को निजी भागीदारी के रूप में चुना है। मेडिकल कॉलेज परिसर के विकास हेतू सरकार द्वारा 25 एकड़ भूमि लीज पर दी गई है। खंडेलवाल ने बताया कि पीपीपी मोड को लेकर सिर्फ प्रायवेट कहना सही नहीं है। इसमें सरकार का भी नियंत्रण होता है। मेडिकल कॉलेज बनने से बैतूल में ही गंभीर बिमारियों का इलाज मिलेगा। पत्रकारों से चर्चा करते हुए आमला विधायक डा. योगेश पंडाचे ने कहा कि रोजगार के नजरिये से भी मेडिकल कालेज जिले में मिल का पत्थर साबित होने वाला है। उन्होने बताया कि मेडिकल कॉलेज के खुलने से
रोजगार के अवसर मिलेगे। डॉक्टर, नर्स, पैरामेडिकल स्टॉफ अन्य सहायक कर्मचारियों के लिए नए नौकरी के मौके मिलेगे। स्थानीय अर्थव्यवस्थाएं बडेगी। आसपास के क्षेत्र में रियल स्टेट, खानपान एवं अन्य व्यवसायों को बढ़ावा मिलेगा।श्री खंडेलवाल ने बताया कि जनता के मन में किसी तरह का भ्रम न रहे इसीलिए यह बात स्पष्ट करना जरूरी है कि वर्तमान की तरह 75 प्रतिशत बिस्तरों के मरीजों का उपचार पूर्णतः निशुल्क रहेगा। 25 प्रतिशत बचे बिस्तरों के मरीजों हेतू समिति शुल्क लिया जाएगा। मध्यम वर्ग एवं गगैर आयकर दाताओं को कन्योशनल रेट मिलेंगे। आयकरदाता और समुद्र नागरिक भी सीजीएचएस पैकेज रेट के हिसाब से किफायती इलाज कराया सकेगें। उन्नीने बताया कि सेवाएं निजी डॉक्टर भी सेवा देगें एवं सुविधाओं में भी विस्तार होगा जिसके तहत जटिल से जटिल बीमारियों का इलाज करने के लिए जिलेवासियों को नागपुर, भोपाल दौड नहीं लगाना पड़ेगा।
