
ओंकारेश्वर. कार्तिक माह की शुक्ल पक्ष एकादशी (प्रबोधिनी एकादशी) से पंचक्रोशी यात्रा शुरू हो चुकी है. यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पैदल यात्रा कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन की उदासीनता के कारण यात्रियों को उबड़-खाबड़ और गड्ढों के बीच यात्रा मार्ग से गुजरना पड़ रहा है. दिन में कई-कई बार लगने वाले जाम की समस्या से भी जूझना पड़ रहा है.
एकादशी से ही यहां परंपरागत कार्तिक मेला भी शुरू हो गया है. मेला और पंचक्रोशी यात्रा के दौरान हजारों श्रद्धालु आएंगे-जाएंगे, लेकिन उन्हें खस्ताहाल मार्ग और जाम की समस्या से दो-चार होना पड़ेगा. नगर परिषद ओंकारेश्वर द्वारा आयोजित होने वाले परंपरागत कार्तिक मेले में धीरे-धीरे रौनक आ रही है. दुकानें लगना प्रारंभ हो गई हैं, झूले लग गए हैं. नर्मदा पंचकोशी यात्रा के लिए श्रद्धालु एक दिन पूर्व से ही यहां आना शुरू हो गए थे. देवउठनी ग्यारस 1 नवंबर से प्रारंभ हुआ मेला 6 नवंबर कार्तिक पूर्णिमा तक चलेगा. कार्तिक मास के दौरान स्नान और दान का विशेष महत्व है. इस दौरान ओंकार पर्वत की परिक्रमा का भी विशेष महत्व माना जाता है इस कारण श्रद्धालु बड़ी संख्या में आते हैं. पंचक्रोशी यात्रा का समापन भी ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन के साथ होता है.
