नयी दिल्ली, 20 दिसंबर (वार्ता) केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने शनिवार को रक्षा मंत्रालय के रक्षा उत्पादन विभाग में उप योजना अधिकारी (अंतरराष्ट्रीय सहयोग और निर्यात) लेफ्टिनेंट कर्नल दीपक कुमार शर्मा और एक निजी व्यक्ति विनोद कुमार को कथित रिश्वतखोरी और आपराधिक साजिश के मामले में गिरफ्तार कर लिया।
रक्षा मंत्रालय के यहां जारी एक बयान के अनुसार, यह मामला विश्वसनीय सूचना के आधार पर लेफ्टिनेंट कर्नल शर्मा, उनकी पत्नी कर्नल काजल बाली (वर्तमान में राजस्थान के श्रीगंगानगर में 16 इन्फैंट्री डिवीजन ऑर्डनेंस यूनिट की कमांडिंग ऑफिसर) और दुबई स्थित एक कंपनी सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ दर्ज किया गया है।
आरोप है कि लेफ्टिनेंट कर्नल शर्मा रक्षा विनिर्माण और निर्यात में लगी निजी कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ मिलकर आदतन भ्रष्ट और अवैध गतिविधियों में लिप्त थे। उन पर आरोप है कि उन्होंने ऐसी फर्मों को अवैध लाभ पहुंचाने के बदले अनुचित लाभ प्राप्त किया।
सीबीआई के अनुसार, आरोपी कंपनी का भारत में संचालन संभालने वाले राजीव यादव और रवजीत सिंह, लेफ्टिनेंट कर्नल शर्मा के नियमित संपर्क में थे। उन्होंने कथित तौर पर अवैध माध्यमों से विभिन्न सरकारी विभागों और मंत्रालयों से कंपनी के लिए अनुचित लाभ प्राप्त करने की साजिश रची।
एजेंसी का आरोप है कि विनोद कुमार ने उक्त कंपनी की ओर से गुरुवार को लेफ्टिनेंट कर्नल शर्मा को 3 लाख रुपये की रिश्वत दी थी। इस मामले में श्रीगंगानगर, बेंगलुरु, जम्मू और दिल्ली सहित कई स्थानों पर तलाशी ली जा रही है। दिल्ली में लेफ्टिनेंट कर्नल शर्मा के आवास पर तलाशी के दौरान सीबीआई ने रिश्वत की 3 लाख रुपये की राशि और 2,23,000 रुपये नकद बरामद किए हैं। इसके अलावा, श्रीगंगानगर में आरोपी के आवास से 10 लाख रुपये नकद जब्त किए गए हैं।
बयान में कहा गया है कि नई दिल्ली में लेफ्टिनेंट कर्नल शर्मा के कार्यालय परिसर में तलाशी अभियान जारी है। दोनों आरोपियों, लेफ्टिनेंट कर्नल दीपक कुमार शर्मा और विनोद कुमार को शुक्रवार को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 23 दिसंबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। मामले में आगे की जांच जारी है।
रक्षा मंत्रालय में कथित रिश्वतखोरी के मामले में लेफ्टिनेंट कर्नल दीपक शर्मा व एक अन्य गिरफ्तार
