
(यश पाठक) भोपाल। राजधानी भोपाल में झोलाछाप डॉक्टरों के क्लिनिक बेखौफ फल-फूल रहे है। बिना किसी वैध चिकित्सा डिग्री के गली-मोहल्लों और कस्बों में दुकानें चला रहे हैं, और मजबूर एवं गरीब मरीजों की जान से खिलवाड़ कर रहे हैं। बड़े निजी अस्पतालों में इलाज कराने की आर्थिक क्षमता न रखने वाले असहाय लोग, अक्सर इन नीम-हकीमों के जाल में फंस जाते हैं। राजधानी के पुराने इलाकों, घनी आबादी वाले क्षेत्रों और गरीब बस्तियों में ऐसे झोलाछाप डॉक्टरों की भरमार है। मामूली सर्दी-खांसी से लेकर गंभीर बीमारियों तक का इलाज करने का दावा करने वाले ये अनाधिकृत चिकित्सक, अक्सर गलत निदान और अप्रभावी या हानिकारक उपचार पद्धतियों का इस्तेमाल करते हैं।
इन झोलाछाप डॉक्टरों के पास न तो आवश्यक चिकित्सा उपकरण होते हैं और न ही बीमारियों की सही पहचान करने की क्षमता। कई मामलों में तो ये सामान्य संक्रमणों को भी जटिल बना देते हैं, जिससे मरीजों की स्थिति और बिगड़ जाती है। एंटीबायोटिक दवाओं का अंधाधुंध प्रयोग और अस्वच्छ वातावरण में किए जाने वाले उपचार मरीजों में प्रतिरोधक क्षमता को कम करते हैं और नए संक्रमणों को जन्म देते हैं। कई बार तो ये झोलाछाप डॉक्टर जानबूझकर मरीजों की मजबूरी का फायदा उठाते हैं और उनसे मोटी रकम वसूलते हैं, जबकि उन्हें सही इलाज मिल भी नहीं पाता।
एक तरफ, सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की सीमित पहुंच और उनमें व्याप्त कमियां तो दूसरी तरफ, जागरूकता की कमी और शिक्षा के अभाव के कारण गरीब और अनपढ़ लोग आसानी से इन धोखेबाज डॉक्टरों के जाल में फंस जाते हैं।
समस्या का समाधान
स्वास्थ्य विभाग को राजधानी में चल रहे सभी अवैध क्लीनिकों की पहचान कर उन्हें तत्काल बंद करना होगा। इसके लिए एक विशेष अभियान चलाने और नियमित निरीक्षण करने की आवश्यकता है। दोषी पाए जाने वाले झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि दूसरों को भी ऐसा करने से सबक मिले।दूसरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों की संख्या बढ़ाई जानी चाहिए और उनमें पर्याप्त चिकित्सा कर्मचारी, दवाएं और उपकरण उपलब्ध कराए जाने चाहिए।
इनका कहना है

राजधानी में ऐसे जितने भी झोलाछाप डॉक्टर अपनी दुकाने चला रहे है, उन सभी की रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग द्वारा पुलिस को भेजी जा रही है, बीते 3 महीने में 30 से 35 झोलाछाप डॉक्टरों की रोपोर्ट पुलिस प्रशासन को भेजी जा चुकी है, ऐसे सभी झोलाछाप डॉक्टरों के भी अलग प्रकार है जिनके ऊपर अलग अलग धाराएं लागू की गई है जिनमे कुछ है जो बिना लाइसेंस के प्रेक्टिस कर रहे है और कुछ है जिनकी डॉक्टरी की अधिमान्यता नहीं है ऐसे सभी झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ निरंतर कार्रवाई जारी है।
डॉ प्रभाकर तिवारी,मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, भोपाल
