रायपुर 17 दिसंबर (वार्ता)। छत्तीसगढ़ के कुख्यात नक्सली माडवी हिड़मा की मौत के बाद सोशल मीडिया पर उसके समर्थन में भड़काऊ वीडियो साझा करने के मामले में बड़ी कानूनी कार्रवाई की गई है। रायपुर के सिविल लाइन थाने में एक यूट्यूब चैनल के संचालक के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस की इंटेलिजेंस विंग ने सोशल मीडिया मॉनिटरिंग के दौरान इस आपत्तिजनक सामग्री को संज्ञान में लिया था।
पुलिस के अनुसार कला टीवी नामक यूट्यूब चैनल पर अपलोड किए गए करीब पांच मिनट के वीडियो में माडवी हिड़मा की मौत को शहादत के रूप में पेश किया गया है। इस वीडियो में सुरक्षा बलों की कार्रवाई और केंद्र सरकार की नीतियों पर आपत्तिजनक टिप्पणियां की गई हैं। वीडियो को प्रभावशाली बनाने के लिए एआई तकनीक से तैयार तस्वीरों और दृश्यों का उपयोग किया गया है जिसमें सुरक्षा बलों के अभियान पर सवाल उठाते हुए नक्सली विचारधारा का महिमामंडन किया गया है। इस वीडियो को अब तक चार लाख से अधिक बार देखा जा चुका है और इसके कमेंट सेक्शन में भी कई संदिग्ध टिप्पणियां मिली हैं।
सिविल लाइन सीएसपी रमाकांत साहू ने बताया कि प्रारंभिक जांच में वीडियो की सामग्री नक्सल समर्थक और देशविरोधी पाई गई है। पुलिस का मानना है कि इस तरह के वीडियो युवाओं को उकसाने और मुख्यधारा में लौट चुके पूर्व नक्सलियों को भ्रमित करने के उद्देश्य से तैयार किए गए हैं। वर्तमान में पुलिस आईपी एड्रेस और तकनीकी साक्ष्यों के माध्यम से आरोपी संचालक की पहचान करने में जुटी है। अधिकारियों ने सख्त चेतावनी दी है कि सोशल मीडिया पर राष्ट्रविरोधी या नक्सल समर्थक सामग्री पोस्ट करने वालों के खिलाफ निगरानी बढ़ा दी गई है और भविष्य में भी ऐसी कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।
नक्सली माडवी हिड़मा के समर्थन में आपत्तिजनक गाना: यूट्यूब चैनल पर एफआईआर
