भोपाल: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के कथित दुरुपयोग को लेकर मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा-नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने केंद्रीय एजेंसियों का राजनीतिक प्रतिशोध के तहत इस्तेमाल किया है। यह प्रदर्शन उस न्यायालयीय टिप्पणी के बाद किया गया, जिसमें कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ की गई कार्रवाई को अवैध और दुर्भावनापूर्ण बताया गया।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ता प्रदेश कांग्रेस कार्यालय से भाजपा प्रदेश मुख्यालय के घेराव के लिए निकले। हालांकि, प्रशासन ने रास्ते में बैरिकेडिंग कर और जलकैनन का प्रयोग कर मार्च को रोक दिया। इसके बाद कई कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर बसों में बैठाकर ले जाया गया।
प्रदर्शन में पूर्व मंत्री पी.सी. शर्मा, प्रदेश कांग्रेस मीडिया विभाग अध्यक्ष मुकेश नायक, महिला कांग्रेस अध्यक्ष रीना बोरासी सेतिया, पूर्व महिला कांग्रेस अध्यक्ष विभा पटेल, सेवादल के प्रदेश अध्यक्ष अवनीश भार्गव, वरिष्ठ नेता जे.पी. धनोपिया, प्रशिक्षण विभाग प्रभारी महेंद्र जोशी, पूर्व महामंत्री हैदर खान, भोपाल के पूर्व जिला अध्यक्ष अरुण श्रीवास्तव, अनुसूचित जाति विभाग अध्यक्ष प्रदीप अहिरवार, भोपाल शहर कांग्रेस अध्यक्ष प्रवीण सक्सेना, जिला ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष अनोखी पटेल, कांग्रेस नेता मनोज शुक्ला, अमित शर्मा, रविन्द्र साहू, प्रवक्ता विक्रम चौधरी और शेरयार खान सहित बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी व कार्यकर्ता शामिल हुए।
नेशनल हेराल्ड प्रकरण को लेकर नारेबाजी करते हुए कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकार पर दमनकारी नीतियां अपनाने और केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया। उन्होंने लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के संकल्प को दोहराया।सभा को संबोधित करते हुए जीतू पटवारी ने कहा कि भाजपा झूठे मामलों के जरिए विपक्षी नेताओं को बदनाम करने का षड्यंत्र कर रही है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने स्पष्ट किया कि लोकतांत्रिक आवाजों को दबाने के हर प्रयास के खिलाफ कांग्रेस का संघर्ष लगातार जारी रहेगा।
