बेगमगंज: नवाचार के लिए सतत प्रयासरत एसडीएम सौरभ मिश्रा की अंगूठी पहल ओर प्रयास से नगर में संचालित अनुसूचित जाति के बालक एवं कन्या छात्रावास में निवासरत विद्यार्थियों एवं अन्य जरूरतमंद विद्यार्थियों के लिए नगर के समाजसेवियों को प्रेरित कर उपहार स्वरुप गर्म वस्त्रों का वितरण कराया गया।एसडीएम सौरभ मिश्रा के प्रयासों की सर्वत्र भूरी -भूरी प्रशंसा हो रही है।
आज एसडीएम सौरभ मिश्रा की प्रेणना से नगर के व्यवसायी समाजसेवी कैलाश समैया एवं – हेमंत समैया के द्वारा गर्म वस्त्रों की व्यवस्था करके अनूसूचित बालक उत्कृष्ट छात्रावास के 50 छात्र एवं अनुसूचित कन्या उत्कृष्ट छात्रावास की 50 छात्राओं जोकि अध्यापन के लिए छात्रावासों में निवासरत हैइन 100 छात्र- छात्राओं के लिए गर्म कपड़े वितरित किए गए।इसके अतिरिक्त पीएमश्री कन्या हॉयर सेकंडरी स्कूल की भी 10 गरीब जरूरतमंद छात्राओं को भी गर्म कपड़े दिए गए।
सभी छात्र-छात्राओं ने समाजसेवी समैया बंधुओं एवं एसडीएम सौरभ मिश्रा का आभार प्रदर्शन कर कृतज्ञता प्रकट करते हुए बताया , एसडीएम मिश्रा गत वर्ष छात्रावास में कोचिंग पढ़ाने आते थे , जिससे जो जरुरतमंद छात्र कोचिंग नहीं जा पाते थे , उन्हें निशुल्क कोचिंग मिल गई थी। ऐसे सभी निर्धन छात्रों को उन्होंने स्वंय पढ़ाया था।
नवाचार में इस वर्ष जरूरतमंद गरीब विद्यार्थियों का ठंड से बचाए करने के लिए एसडीएम सौरभ मिश्रा ने समाजसेवी हेमंत समैया को प्रेरित कर इस पुनीत कार्य की शुरुआत की है।
आज करुणा की दीवार की
शुरुआत में सभी छात्र छात्राओं को नए गर्म कपड़े समाजसेवी व्यवसायी कैलाश समैया कक्का एवं हेमंत समैया की ओर से दिए गए।इस अवसर पर तहसीलदार प्रमोद उइके , बीईओ राजेन्द्र श्रीवास्तव , अनुसूचित जाति बालक उत्कृष्ट छात्रावास के अधीक्षक परसराम अहिरवार एवं कन्या छात्रावास की अधीक्षिका श्रीमती रुक्मिणी शाक्यवार सहित अन्य समाजसेवी , मीडियाकर्मी भी मौजूद रहे।
लगातार 4 माह तक रहने वाली करुणा की दीवार के अंतर्गत स्कूल में पढ़ने वाले सभी छात्र- छात्राओं को सर्दी से बचने के लिए गर्म कपड़े दिए जाने पर विद्यार्थियों , शिक्षकों एवं अभिभावकों में उत्साह है।एसडीएम सौरभ मिश्रा ने बताया, पूरी सर्दी भर ये सिलसिला जारी रहेगा। इसके बाद करुणा की दीवार में पुराने कपड़े भी रहेंगे।
अगर आपको जरूरत है आप ले जाए यदि अपके पास ज्यादा है कपड़े तो आप उन्हें धोकर , प्रेस करके यहां रख जाए जो किसी के काम आ जाएंगे।
इसके पूर्व ऐसा ही एक नवाचार एसडीएम सौरभ मिश्रा ने हुनरमंद दोना पत्तल बनाने वालों की सहायतार्थ दोना-पत्तल बैंक स्थापित कर किया है ताकि पर्यावरण की रक्षा के साथ जरूरतमंद को रोजगार मिल सके इसलिए अच्छी शुरुआत की गई है।वहीं एसडीएम मिश्रा ने 10 हजार बच्चों को ईउपवास की मुहिम चलाई जिसके कारण उनके परीक्षा परिणाम में सुधार आने की बात स्वंय ईउपवास करने वाले विद्यार्थियों ने स्वीकारी।
अब करुणा की दीवार की शुरुआत छात्र छात्राएं को नए गर्म कपड़े देना ओर ईउपवास में सभी 250 छात्रों को मोबाइल से दूरी बनाए रखने के लिए संकल्पित कराकर कहां कितनी जरूरत है उतना ही मोबाइल का उपयोग करने के लिए प्रेरित करने का प्रयोग बहुत हद तक सफल रहा।आज भी अनेकों विद्यार्थियों द्वारा ईउपवास किया जा रहा है। इसलिए दोनों छात्रावासों के विद्यार्थियों को भी ईउपवास की शपथ दिलाई गई है।
