
उज्जैन। चैन्नई-जयपुर एक्सप्रेस में ए-1 और ए-2 कोच में गश्त कर रहे आरपीएफ एसआई और कांस्टेबल को दो ट्रॉली बैग लावारिस हालत में मिले। जिनमें 8.25 लाख रुपए के आभूषण रखे हुए थे। दोनों ट्रॉली बैग आरपीएफ टीम द्वारा ईमानदारी का परिचय देते हुए संबंधित महिला यात्री को सुरक्षित लौटाए।
शनिवार को चैन्नई-जयपुर एक्सप्रेस उज्जैन पहुंची थी। इस दौरान आरपीएफ एसआई शिवकुमार बघेल और कांस्टेबल प्रदीप कुमार गश्त कर रहे थे। उन्हें दो ट्रॉली बैग लावारिस हालत में मिले। जिन्हें चेक किया गया तो दो सोने की चेन, 7 जोड़ी कान के टॉप्स, 1 गोल्ड नीलम अंगूठी, चांदी की अंगूठी, 2 मोती की माला और महंगी साडिय़ां व कपड़ों के साथ सामान रखा होना सामने आया। एसआई ने ईमानदारी और कत्र्तव्यनिष्ठा का परिचय देते हुए सीट नंबर के आधार पर पिछले स्टेशनों पर चेक कर जानकारी जुटाई कि उक्त सीट पर कौन यात्रा कर रहा था। जिसकी जानकारी सामने आने पर पता चला कि उक्त सीट पर अर्चना जॉर्ज यात्रा कर रही थी। जिनसे संपर्क के प्रयास शुरू किए और उन्हें उज्जैन आरपीएफ थाने बुलाया गया। जहां दोनों ट्रॉली बैग में रखे सामान की तस्दीक करने के बाद सुरक्षित वापस लौटा दिए। आभूषणों की कीमत 8.25 लाख रुपए थी। बताया जा रहा है कि महिला यात्री नागपुर में शादी समारोह से आने के दौरान दोनों ट्राली बैग ट्रेन में भूल गई थी। महिला परिवार के साथ यात्रा कर रही थी। एसआई और कांस्टेबल की ईमानदारी और कत्र्तव्यनिष्ठा का पता आरपीएफ के वरिष्ठ अधिकारियों को चला तो दोनों को पुरस्कृत करने की अनुशंसा की गई।
