
इंदौर. देवगुराड़िया और रालामण्डल इलाके में पिछले तीन महीनों से तेंदुए की हलचल लगातार देखी जा रही है. वन विभाग ने इस पर नियंत्रण के लिए हाईटेक ड्रोन से रात में निगरानी अभियान शुरू किया है.
कल रात रालामण्डल की पहाड़ियों से पायलट प्रोजेक्ट के तहत ड्रोन ने लगभग 2 घंटे की उड़ान भरी. इस दौरान जिला वनमंडलाधिकारी, रालामण्डल एसडीओ और टेक्निशियन टीम ड्रोन संचालन के लिए मौके पर मौजूद थे. ड्रोन में नाइट विजन और थर्मल कैमरे लगे हुए हैं, जो रात में 2 किलोमीटर से अधिक दूरी तक हलचल और इमेज रिकॉर्ड कर सकते हैं. इस तकनीक का उद्देश्य तेंदुए के मूवमेंट पर नजर रखना और मानव-वन्यजीव संघर्ष को रोकना है. हालांकि, रातभर की उड़ान में हिरण और अन्य वन्यजीव ही नजर आए; तेंदुए का कोई सुराग नहीं मिला. डीएफओ प्रदीप मिश्रा का कहना है कि यह पायलट प्रोजेक्ट लगातार जारी रहेगा और अगले हफ्तों में इसे और क्षेत्रों में विस्तारित किया जाएगा.
